जीवित रहना और वर्जना तोड़ना मुश्किल है लेकिन मैंने यह किया। मेरी एकमात्र चिंता यह है कि 5 लाख ट्रांसजेंडर आबादी में से, मैं देश में एक कोविड टीकाकरण केंद्र का नेतृत्व करने वाला एकमात्र ट्रांसजेंडर व्यक्ति हूं? दूसरों को भी स्वीकार क्यों नहीं किया जा सकता।
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार अक्सा शेख अपनी पहचान एक ट्रांसवुमन के रूप में बताती हैं। वे हमदर्द इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, दिल्ली में एक एसोसिएट प्रोफेसर हैं। उनका कहनाहै कि मुझे अपनी पहचान पर गर्व है, मैं कोविड टीकाकरण केंद्र में एक नोडल अधिकारी हूं और एक एनजीओ चलाती हूं। चुनौतियों के बावजूद, मैंने बहुत कुछ हासिल किया है।