आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने फ्लैट और व्यावसायिक स्थान देने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी के आरोप में किंडल डेवलपर्स की महिला निदेशक शिखा तिवारी (41) को गिरफ्तार किया है। अदालत की ओर से एक मामले में गैर जमानती वारंट जारी किए गए थे। उसके बाद पुलिस ने उसे नोएडा के सेक्टर-93 से गिरफ्तार कर लिया।
महिला के फरार पति पीयूष तिवारी पर भी फर्जीवाड़े के कई मामले दर्ज हैं। ईओडब्ल्यू की संयुक्त आयुक्त छाया शर्मा ने बताया कि वर्ष 2019 में शिकायतकर्ता सुरेंद्र कुमार और 11 अन्य पीड़ितों ने मेसर्स शुभकामना बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स किंडल डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों की शिकायत की थी।
शिकायत में कहा गया था कि उन्होंने वर्ष 2012 में नोएडा के सेक्टर-79 में शुभकामना लॉर्डस ग्रुप हाउसिंग में फ्लैट बुक कराए थे। वर्ष 2013 में शिकायतकर्ताओं को एक स किंडल डेवलपर्स ने कहा कि भूखंड उन्हें आवंटित किया गया है। परियोजना उनके द्वारा विकसित की जा रही है। दोनों कंपनियों का पता और निदेशक एक ही थे।
कंपनी ने शिकायतकर्ताओं से समझौते कर फ्लैटों के आकार, भुगतान की समय-सारणी में बदलाव किया। 1 अगस्त 2013 तक कब्जा देने का आश्वासन दिया। 2015 की शुरुआत में निर्माण यह कहकर बंद कर दिया गया कि कंपनी के पैसे खत्म हो गए हैं। शिकायतकर्ताओं को जांच में पता चला कि कंपनी के पास परियोजना को विकसित करने की राज्य और केंद्रीय एजेंसियों से आवश्यक मंजूरी नहीं थी।