राजधानी के परमानंद स्पेशल सर्जरी अस्पताल में घुटने की रोबोटिक सर्जरी के बाद ही मरीज चलने फिरने में सक्षम हो गया। वहीं, अस्पताल में करीब 75 मरीजों का रोबोटिक तकनीक से इलाज किया गया है। इन मरीजों में ऐसे लोग शामिल थे, जो लंबे समय से दर्द से पीड़ित थे।
अस्पताल के मुताबिक, 68 वर्षीय जोगिंदर सिंह पिछले पांच वर्ष से गंभीर दर्द से पीड़ित थे। रोबोट की सहायता घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी के महज चार घंटे बाद ही मरीज बिना ज्यादा दर्द के चलने में सक्षम हो गया। सर्जरी करने वाले डॉ. शेखर श्रीवास्तव ने कहा कि पारंपरिक पद्धति की तुलना में रोबोट की सहायता से की जाने वाली सर्जरी की सटीकता बहुत बेहतर है।
रोबोटिक तकनीक से मरीज जल्दी ठीक हो जाते हैं और सामान्य स्थिति में लौट आते हैं। इस तकनीक से उपचार करवाने पर अस्पताल में कम रुकना होता है, रिकवरी तेज होती है और मरीज जल्दी सामान्य रूप से चल-फिर सकता है।
डॉ. शेखर श्रीवास्तव कहते हैं, घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी के लिए इस रोबोटिक टेक्नोलॉजी ने बेहतर तरीके से कार्य करने और लंबे समय तक चलने के लिए इम्प्लांट्स को सूक्ष्मता और सटीकता से सही संरेखण में लगाने के लिए एक मिलीमीटर (सब-मिलीमीटर) से भी छोटे आकार के कट लगाने की सुविधा उपलब्ध कराई है।
ऑपरेशन के पहले कराए जाने वाला सीटी स्कैन मरीज के घुटने का 3-डी मॉडल बनाने में सहायता करता है। इस योजना को फिर रोबोटिक आर्म में डाला जाता है, जो योजना को पूर्णता के साथ क्रियान्वित करती है।