फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विडंबना : देश की विभूति पंडित राजन मिश्र को राजधानी में वेंटिलेटर तक न मिल सका, थम गईं सांसें

Mon, 26 Apr 2021 05:16 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

  • दिल्ली के सेंट स्टीफन अस्पताल में चार दिन से भर्ती थे
  • दो बार दिल का दौरा पड़ने के बाद बिगड़ी तबीयत
विज्ञापन
पंडित राजन मिश्र - फोटो : अमर उजाला (फाइल)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के दिग्गज पंडित राजन मिश्र का रविवार को कोरोना से निधन हो गया। ख्याल गायकी के बडे़ पुरोधा राजन मिश्र को वक्त पर वेंटिलेटर नहीं मिल सका, जिससे उन्हें बचाया नहीं जा सका। सेंट स्टीफन अस्पताल में भर्ती बनारस घराने के 70 वर्षीय राजन मिश्र वायरस से संक्रमित होने के बाद किडनी की समस्या से ग्रस्त हो गए थे। पद्म भूषण से सम्मानित मिश्र को चार दिन पहले ही अस्पताल की चौथी मंजिल स्थित वार्ड में भर्ती किया गया था। 

विज्ञापन


परिजनों ने बताया कि किडनी की समस्या होने पर राजन मिश्र का डायलिसिस किया गया। उन्हें रविवार सुबह दिल का दौरा पड़ा, जिसके चलते उनकी तबीयत बिगड़ गई। आनन-फानन में डॉक्टरों को उन्हें आईसीयू में भर्ती करना पड़ा, लेकिन अस्पताल में एक भी वेंटिलेटर खाली नहीं था। यहां मौजूद सभी छह वेंटिलेटर पर मरीज पहले से ही भर्ती थे। डॉक्टरों ने परिजनों से कहा कि मरीज को तत्काल वेंटिलेटर की जरूरत है,  लेकिन उनके यहां उपलब्ध नहीं है। 

इसके बाद परिजनों ने कई अस्पतालों में संपर्क भी किया, मगर उन्हें वेंटिलेटर खाली नहीं मिला। इसी बीच रविवार दोपहर को दोबारा से उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उनका ब्लड प्रेशर 90/60 तक जा पहुंचा। अभी परिजन वेंटिलेटर की तलाश कर ही रहे थे कि सोशल मीडिया पर भी उनकी मदद मांगनी शुरू हो गई। कुछ ही देर में यह पता चला कि ताहिरपुर स्थित राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी और सर गंगाराम अस्पताल में वेंटिलेटर मुहैया कराने के लिए प्रयास चल रहे हैं। दिल्ली और केंद्र सरकार के कुछ मंत्री व नेता भी फोन पर संपर्क में थे। राजन मिश्र ने 15-20 दिन पहले ही टीके की पहली खुराक ली थी। 
विज्ञापन


वेंटिलेटर के लिए दिन भर परेशान रहे परिजन, जब मिला सांसें टूट गईं
इसी बीच परिजनों से सर गंगाराम अस्पताल के चेयरमैन डॉ. डीएस राणा की बात हुई और उन्हें एक वेंटिलेटर की व्यवस्था करने पर सहमति जताई। इसके बाद आनन-फानन में तत्काल एंबुलेंस भी मरीज को लेने के लिए अस्पताल में पहुंच गई, मगर तब तक पता चला कि मरीज की हालत काफी गंभीर है और उन्हें दूसरे अस्पताल नहीं भेजा जा सकता। आपातकालीन विभाग के ठीक सामने पार्किंग और अस्पताल के पूछताछ केंद्र के बीच ही परिजन दिन भर हताश होते रहे। शाम को एंबुलेंस आने और वेंटिलेटर आरक्षित होने के बाद भी करीब साढ़े छह बजे राजन मिश्र ने अंतिम सांस ली। इस दौरान राजन मिश्र के भाई साजन मिश्र भी मौजूद थे। अस्पताल के पूछताछ केंद्र से पता चला कि उनके यहां वेंटिलेटर की काफी वेटिंग है। आईसीयू बेड भी खाली नहीं हैं।

विश्वमोहन भट्ट ने सोशल मीडिया पर सबसे पहले मांगी थी मदद
राजन मिश्र के साथी संगीतकार और करीबी दोस्त विश्वमोहन भट्ट ने सोशल मीडिया पर सबसे पहले मिश्रा परिवार को शहर में एक वेंटिलेटर खोजने के लिए संघर्ष करने, ऑक्सीजन की कमी से जूझने और कोरोना मामलों के विस्फोट के चलते स्वास्थ्य ढांचे की सीमा के बारे में लोगों को जानकारी दी। उन्होंने लिखा, पद्म भूषण पंडित राजन मिश्रा को तत्काल वेंटीलेटर (एसआईसी) की आवश्यकता है। अभी वह सेंट स्टीफन अस्पताल, तीस हजारी, दिल्ली में हैं ... कृपया फौरन मदद करें।

राजन मिश्र का जाना अपूरणीय क्षति: पीएम
शास्त्रीय गायन की दुनिया में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले पंडित राजन मिश्र जी के निधन से अत्यंत दुख पहुंचा है। बनारस घराने से जुड़े मिश्र जी का जाना कला और संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं। -नरेंद्र मोदी, पीएम

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें