Delhi News : यदि आप जंगल सफारी के शौकीन हैं, तो यह ख्वाहिश अब दिल्ली में ही पूरी हो जाएगी। इसके लिए लंबा सफर तय कर दूसरे राज्यों में किसी राष्ट्रीय उद्यान या अभयारण्य का रुख नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए दिल्ली सरकार का वन एवं वन्यजीव विभाग योजना तैयार कर रहा है।
असोला भाटी अभयारण्य में निरीक्षण करते उपराज्यपाल वीके सक्सेना, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया....फाइल चित्र
- फोटो : अमर उजाला
यदि आप जंगल सफारी के शौकीन हैं, तो यह ख्वाहिश अब दिल्ली में ही पूरी हो जाएगी। इसके लिए लंबा सफर तय कर दूसरे राज्यों में किसी राष्ट्रीय उद्यान या अभयारण्य का रुख नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए दिल्ली सरकार का वन एवं वन्यजीव विभाग योजना तैयार कर रहा है। योजना के तहत दक्षिणी दिल्ली के असोला भाटी अभयारण्य में जंगल सफारी का आनंद मिल सकेगा।
विज्ञापन
वन एवं वन्यजीव विभाग के मुख्य वन संरक्षक निशीथ सक्सेना ने बताया कि असोला भाटी अभयारण्य को पर्यटकों की सुविधा के हिसाब से इको टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है। इसके लिए विभिन्न योजनाओं पर काम किया जा रहा है। इस कड़ी में विभाग अभयारण्य में जंगल सफारी को लेकर एक प्रस्ताव तैयार कर रहा है। इस योजना के तहत शुरुआत में चार खुली जिप्सी को चलाया जाएगा।
खुली जिप्सी में लोग खड़े होकर प्रकृति की सुंदरता व वन्यजीवों को देख सकेंगे। अभी प्रकृति प्रेमी और सफारी के शौकीन दूसरे राज्यों में राष्ट्रीय उद्यान या अभयारण्य का रुख करते हैं। विभाग प्रस्ताव पर काम कर रहा है। तैयार होने के बाद इसे सरकार के सामने रखा जाएगा। मंजूरी मिलने पर इसे अमलीजामा पहनाया जा सकेगा। अधिकारी का कहना है कि अभयारण्य में पर्यटकों को ले जाने के लिए पहले बैट्री संचालित वाहनों को शामिल किया गया था, लेकिन बीतेे दिनों ट्रायल के दौरान ये वाहन फेल साबित हुए।
विज्ञापन
गाड़ी में बैठकर तय होगा 23 किलोमीटर का सफर
सफारी के लिए अभयारण्य में 23 किलोमीटर रास्ते को चिह्नित किया गया है। सफारी की सुविधा पर्यटकों को अभयारण्य के मुख्य द्वार से ही मिलेगी। वहीं, अभयारण्य के दूसरे द्वार से पर्यटक बाहर निकल जाएंगे। इसके लिए टिकट मुख्य द्वार से ही मिलेगा। हालांकि, जिप्सी का किराया अभी तय नहीं किया गया है। विभाग जिप्सी का ट्रायल लेकर ईंधन की खपत के आधार पर शुल्क का निर्धारण करेगा।