प्रमिला फोगाट 10 साल से दिल्ली एम्स के कैंसर विभाग में नर्सिंग अधिकारी हैं। कोरोना काल में अस्पतालों में सिर्फ कोविड मरीजों का इलाज चल रहा था, तब भी वे कैंसर रोगियों की सेवा में जुटी थीं। रोज 12 से 14 घंटे काम करने के बाद घर जातीं और अगले दिन फिर अस्पताल में आकर मरीजों की सेवा में जुट जातीं। इस दौरान वे कोरोना संक्रमित हो गईं। उनका पूरा परिवार भी संक्रमण की चपेट में आया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
प्रमिला बताती हैं कि पिछले साल मार्च में संक्रमण की शुरुआत के बाद भी कैंसर विभाग में मरीजों का इलाज किया जा रहा था। उस दौरान सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता था, लेकिन वे रोज घर से अस्पताल आतीं। घंटों पीपीई किट पहनकर कैंसर मरीजों की जांच करतीं। कई मरीज ऐसे थे, जिनका कैंसर गंभीर हालत में पहुंच चुका था। उन्हें कीमोथेरेपी से लेकर कई प्रकार की दवाइयां देनी होती थीं। इन मरीजों को इलाज न मिलता तो गंभीर समस्या हो सकती थी। इसी सोच ने उन्हें महामारी का डर भूलने के लिए प्रेरित किया।
प्रमिला ने बताया कि जून में वे कोरोना संक्रमित हई थीं। उनके पति और बच्चों समेत परिवार के अन्य लोग भी उनसे संक्रमित हो गए। पूरा परिवार बीमारी की चपेट में था। वह समय काफी चुनौतीपुूर्ण था। ऐसे में मन में काफी डर बन गया था। परिवार के सभी सदस्य कई दिन तक आइसोलेट रहे। धीरे-धीरे सब स्वस्थ होने लगे। स्वस्थ होते ही वे ड्यूटी पर लौट गईं। उन्हें अपने बच्चों की चिंता हमेशा रहती थी, लेकिन कर्तव्य के आगे उन्होंने घर को कम प्राथमिकता दी और मरीजों के इलाज में जुटी रहीं।
महिलाओं को करती हैं जागरूक
फोगाट ने बताया कि वे महिलाओं को स्तन कैंसर के विषय में जागरूक करती हैं। जो भी महिला कैंसर विभाग में जांच के लिए आती है, वह उसे कैंसर के कारण और उनसे बचने के विषय में बताती हैं। वे उन्हें कई पर्चे देती हैं, जिनमें कैंसर के विषय में जानकारी होती है।
रक्तदान शिविरों में भी लेती हैं भाग
अस्पताल में लगने वाले रक्तदान शिविरों में भी प्रमिला फोगाट भाग लेती हैं। वे खुद भी हर 6 माह में रक्तदान करती हैं। उन्होंने बताया कि कोविड काल में अस्पतालों में रक्त की काफी कमी थी। उस दौरान उन्होंने अपने साथियों के साथ कई रक्तदान शिविर लगाए। वहां से एकत्र रक्त को मरीजों के लिए इस्तेमाल किया गया।
दिल्ली पुलिस में तैनात हैं पति
उनके पति प्रीतम सिंह दिल्ली पुलिस में तैनात हैं। कोरोना से संक्रमित होने के बाद उनके पति भी स्वस्थ होकर सीधे ड्यूटी पर लौटे थे। उनके भाई भी दिल्ली पुलिस में हैं। वे भी कोरोना से संक्रमित हुए थे।