कांग्रेस को मिली नौ सीटों में से सात मुस्लिम बाहुल्य इलाके से हैं। विधानसभा चुनाव के विपरीत एमसीडी चुनाव में दिल्ली का मुस्लिम वोटर आप के साथ लामबंद नहीं हो सका। जानकार इसकी बड़ी वजह मुख्यमंत्री केजरीवाल के सॉफ्ट हिंदुत्व में देख रहे हैं। मुस्लिम समुदाय को लगता है कि केजरीवाल ने उनके हक में जाने वाले मसलों से जुड़ाव जाहिर नहीं किया। इन इलाकों में चुनाव प्रचार के दौरान ऐसे बहुत से वीडियो वायरल किए गए, जिसमें वह हिंदुत्व की वकालत करते हुए दिखाए गए। इसके अलावा उत्तर-पूर्वी में वर्ष 2020 में हुए दंगों के बाद आम आदमी पार्टी के रुख से मुसलमान खासे नाराज थे।
दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सकी कांग्रेस
पिछले निगम चुनाव की तुलना में कांग्रेस का वोट प्रतिशत करीब 10% कम हो गया। तमाम कोशिशों के बावजूद पार्टी दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सकी। महज नौ सीटों पर जीत मिली। करारी शिकस्त के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने नए सिरे से हार के कारणों पर मंथन शुरू कर दिया है।
कांग्रेस के पास एमसीडी चुनाव का एक अच्छा मौका था। परिणाम पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अनिल कुमार ने जनता के फैसले को स्वीकारते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि है।