प्रदूषण की रोकथाम के लिए इन उपायों को अपनाया जा रहा
दिल्ली में प्रदूषण की रोकथाम के लिए दिल्ली सरकार ने शीतकालीन कार्ययोजना की तर्ज पर ग्रीष्मकालीन कार्य योजना तैयारी की थी। इसके तहत खुले में कचरा जलाने, मलबा डालने, सड़क किनारे धूल नियंत्रण, लैंडफिल साइटों पर आग को रोकने, जलाशयों का कायाकल्प, पार्कों की निगरानी, ईको-वेस्ट पार्क का विकास, शहरी खेती, एकल उपयोग प्लास्टिक को चरणबद्ध तरीके से रोकने के प्रमुख बिंदुओं को शामिल किया गया था। पर्यावरण विशेषज्ञ कहते हैं कि इन उपायों के ठीक तरह से पालन नहीं होने पर ही दिल्ली की वायु गुणवत्ता बिगड़ी हुई है। यदि इन उपायों को ठीक तरह से अमलीजामा पहनाया जाए तो दिल्ली के प्रदूषण का काफी हद तक कम किया जा सकता है।
बीते 10 दिनों में बहुत खराब श्रेणी तक पहुंची दिल्ली-एनसीआर की हवा
मौसमी स्थितियां प्रतिकूल होने के बावजूद भी दिल्ली की वायु गुणत्ता बिगड़ी हुई है। इस कड़ी में बीते 10 दिनों में एक्यूआइ का स्तर औसत श्रेणी से खराब व बहुत खराब श्रेणी तक पहुंचा है। बीती 24 मई को दिल्ली का एक्यूआइ 89 था, जो कि माह के पहले दिन 322 के आंकड़े के साथ बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गया। हालांकि, बृहस्पतिवार को दिल्ली का एक्यूआइ हल्का सुधरकर 202 दर्ज किया गया।
दिल्ली में पीएम 2.5 के स्त्रोत से होने वाले प्रदूषण की हिस्सेदारी
वाहन-41 फीसदी
उद्योग-18.6 फीसदी
ऊर्जा- 4.9 फीसदी
जैव-ईंधन- 03 फीसदी
धूल- 21.5 फीसदी
अन्य- 11 फीसदी
बीते 10 दिनों में दिल्ली का एक्यूआई
दो जून- 202
एक जून- 322
31 मई- 215
30 मई- 201
29 मई- 273
28 मई- 210
27 मई- 206
26 मई- 199
25 मई- 166
24 मई- 89