कोरोना काल में लंबे समय तक मेट्रो सेवाएं बंद रहने और पुराने उपकरणों की वजह से अब सुहाना सफर समस्याओं भरा हो गया है। किसी स्टेशन पर एस्केलेटर और गेट काम नहीं कर रहे हैं तो कहीं
तकनीकी खराबी यात्रियों की राह में रोड़ा अटका रही है। सफाई व्यवस्था पर भी लोगों ने सवाल उठाए हैं।
सोशल मीडिया पर यात्रियों की तरफ से साझा किए गए अनुभव और शिकायतों पर दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) संज्ञान तो लेता है, लेकिन इसमें देरी से यात्रियों का रोष दिखने लगा है। रोजाना ऐसी 10-20 शिकायतें मिल रही हैं।विभिन्न लाइनों पर सफर के दौरान यात्रियों को रोजाना मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। एक दिन पहले भी ब्लू लाइन पर तकनीकी खराबी के कारण यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। डीएमआरसी के मुताबिक, शिकायतों की सुनवाई को प्राथमिकता के तौर पर लेने के बाद इसे दुरुस्त किया जाता है।
स्मार्ट कार्ड बना परेशानी का सबब
कोरोना काल में दिल्ली मेट्रो ने टोकन की जगह कैैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देते हुए स्मार्ट कार्ड को सफर के लिए अनिवार्य कर दिया। अब रिचार्ज में बढ़ रही परेशानी और अपडेट होने में देरी से यात्री बेहाल हैं। अरिजीत ने ट्वीट में बताया कि रिचार्ज के लिए राशि काटे जाने के बाद भी कार्ड अपडेट नहीं किया गया। कुछ ऐसी ही शिकायत करीम खान की भी है। कहा कि 100 रुपये का रिचार्ज कराने के बाद भी निगेटिव में राशि दिखाई जा रही है। दिनेश ने भी रिचार्ज के बाद भी अमाउंट अपडेट न होने की बात कही तो जवाब में डीएमआरसी ने पेमेंट गेटवे के नंबर पर संपर्क करने को कहा।
सफाई न होने और खराब एस्केलेटर भी मुसीबत
एक विदेशी पर्यटक ने धौला कुआं से पिंक लाइन को जोड़ने वाले वॉक-वे पर गंदगी की शिकायत सोशल मीडिया पर दी। वैभव गुप्ता ने मेट्रो के गेट खुलने की शिकायत दी तो कालिंदी कुंज में एस्केलेटर खराब होने की जानकारी दी।
खड़े होने वालों पर क्या हुई कार्रवाई
यात्री धीरेन्द्र शौकीन ने ट्वीट कर कहा कि 70 फीसदी लोग मेट्रो में सफर करते हैं। फ्रिक्वेंसी और कोच की संख्या बढ़ाने के बजाय भीड़ कम करने के लिए कोच के बाहर रियल टाइम सूचना दी जानी चाहिए। पाबंदी के बावजूद यात्री खड़े होकर सफर कर रहे हैं। क्या जुर्माने का फैसला पुराना है या नया? अगर हाल-फिलहाल की है तो कितनी कार्रवाई हुई। जवाब में डीएमआरसी ने बताया कि इस बारे में घोषणा रोजाना की जाती है।
सोशल मीडिया पर ये शिकायतें भी
. पालम मेट्रो स्टेशन पर पार्किंग की समस्या।
. सोशल डिस्टेंसिंग के पालन के लिए फर्श में लगाए गए स्टीकर का कितना हो रहा है पालन