डीएमआरसी के निदेशक (व्यवसाय विकास) प्रमीत कुमार गर्ग और सीपीडब्ल्यूडी के अतिरिक्त महानिदेशक पीएस चौहान ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस मौके पर डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक डॉ. मंगू सिंह समेत दूसरे अधिकारी पर मौजूद थे। तीन किलोमीटर के मेट्रो लूप कॉरिडोर से केंद्रीय सचिवालय के चार स्टेशनों को जोड़ जाएगा ताकि दफ्तरों से निकलने के बाद अधिकारी मेट्रो में यात्रा कर सकें।
केंद्रीय सचिवालय के सभी कार्यालयों से आवागमन होगा सुगम
इस भूमिगत कॉरिडोर का निर्माण पूरा होने के बाद केंद्रीय सचिवालय के सभी दफ्तरों से आवागमन सुलभ हो जाएगा। तीन किलोमीटर के भूमिगत कॉरिडोर के निर्माण के लिए डीएमआरसी तकनीकी सहायता, प्लेटफॉर्म, सहायता और रखरखाव कार्यों को अंजाम देगा। इसके लिए डीएमआरसी, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करेगा।
विस्तृत डिजाइन के लिए नियुक्त होगा सलाहकार
परियोजना के विस्तृत डिजाइन के लिए एक सलाहकार की भी नियुक्ति की जाएगी। सीपीडब्ल्यूडी बुनियादी निर्माण कार्य को पूरा करेगा जबकि डीएमआरसी, नियंत्रण, सिग्नलिंग, ट्रैक कार्य, रोलिंग स्टॉक, विद्युत, रखरखाव और डिजाइन से जुड़े कार्यों को अमली जामा पहनाएगा।
फिलहाल डीएमआरसी के 391 किलोमीटर के नेटवर्क में 286 मेट्रो स्टेशन हैं। दिल्ली मेट्रो के चौथे चरण के विस्तार के तौर पर तीन कॉरिडोर में करीब 65 किलोमीटर में नई लाइनों का निर्माण किया जा रहा है।