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Delhi Metro : 2031 तक मेट्रो की आधी जरूरतें सौर ऊर्जा से होंगी पूरी, आपूर्ति में हर साल होगा इजाफा

Thu, 15 Sep 2022 05:16 AM IST
दुष्यंत शर्मा सर्वेश कुमार, नई दिल्ली

सार

Delhi Metro : सौर ऊर्जा में आत्मनिर्भर बनने के लिए दिल्ली मेट्रो के कदम लगातार बढ़ रहे हैं। फिलहाल दिल्ली मेट्रो 35 फीसदी पूर्ति अक्षय ऊर्जा (हरित ऊर्जा) से कर रहा है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) का लक्ष्य 2031 तक इसे बढ़ाकर 50 फीसदी करने का है। 
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दिल्ली मेट्रो - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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सौर ऊर्जा में आत्मनिर्भर बनने के लिए दिल्ली मेट्रो के कदम लगातार बढ़ रहे हैं। फिलहाल दिल्ली मेट्रो 35 फीसदी पूर्ति अक्षय ऊर्जा (हरित ऊर्जा) से कर रहा है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) का लक्ष्य 2031 तक इसे बढ़ाकर 50 फीसदी करने का है। 

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 फेज-4 में विस्तार के बाद तीन नए कॉरिडोर पर भी मेट्रो सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी। इससे सालाना करीब 21.8 करोड़ यूनिट अतिरिक्त बिजली की जरूरत होगी। ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए फेज-4 के 27 एलिवेटेड स्टेशनों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जाएंगे। दिल्ली मेट्रो की इस पहल से मेट्रो परिचालन में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ेगा। इससे कार्बन उत्सर्जन के साथ प्रदूषण में भी कमी आएगी।

दिल्ली मेट्रो के 391 किलोमीटर के नेटवर्क में फिलहाल 286 मेट्रो स्टेेशन हैं। मेट्रो परिचालन समेत बिजली की आपूर्ति को पूरा करने के लिए डीएमआरसी फिलहाल काफी कम सौर ऊर्जा का उत्पादन कर पा रहा है। स्टेेेशनों पर लगे सौर ऊर्जा संयंत्रों से वर्ष 2021-22 में करीब 3.45 करोड़ यूनिट सौर ऊर्जा का उत्पादन किया गया। शेष जरूरतों को पूरा करने के लिए दिल्ली मेट्रो को मध्य प्रदेश स्थित रीवा सौर ऊर्जा संयंत्र से करीब 30.15 करोड़ बिजली की आपूर्ति की गई। 
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फेज-4 के स्टेशनों की संख्या में बढ़ोतरी से बिजली की खपत में बढ़ोतरी को देखते हुए डीएमआरसी ने इसके लिए खाका तैयार कर लिया है। इसके तहत 2031 तक अपनी कुल जरूरत का करीब 50 फीसदी सौर ऊर्जा का उत्पादन डीएमआरसी करेगी। फेज-4 के मेट्रो स्टेशनों पर 10 मेगावाट के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने का डीएमआरसी का लक्ष्य है। इससे सालाना करीब एक करोड़ यूनिट सौर ऊर्जा के उत्पादन का अनुमान है। 

सालाना 66 करोड़ यूनिट बिजली की होती है खपत : दिल्ली मेट्रो के परिचालन और स्टेशनों पर रोशनी, वेंडिंग मशीन सहित ऊर्जा की तमाम जरूरतें पूरी करने में सालाना करीब 66 करोड़ यूनिट बिजली की जरूरत होती है। सौर ऊर्जा से करीब 33.60 करोड़ यूनिट बिजली की मांग को पूरा किया जा रहा है। फिलहाल दिल्ली मेट्रो खुद करीब 47 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन कर रहा है।    साल के अंत तक इसे 50 मेगावाट करने के लिए नए सोलर पैनल भी लगाए जा रहे हैं। 

सौर ऊर्जा में सालाना होगा इजाफा 
मौजूदा समय में दिल्ली मेट्रो अपनी कुल ऊर्जा की पूर्ति 35 फीसदी नवीकरणीय ऊर्जा से प्राप्त करता है। अगले नौ वर्ष में इसमें इसे बढ़ाकर 50 फीसदी तक पहुंचाने का लक्ष्य है। सौर ऊर्जा की मांग में बढ़ोतरी को पूरा करने के लिए अधिक से अधिक स्टेशनों पर सोलर प्लांट और सोलर पैनल लगाए जाएंगे। 

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