राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी की वजह से बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। गुरुवार को दिल्ली में बिजली की मांग सात हजार मेगावाट के पार पहुंच गई। इस दिन दिल्ली में 7026 मेगावाट बिजली की खपत हुई थी। जबकि शुक्रवार को दिल्ली में 7323 मेगावाट बिजली की मांग हुई।
राजधानी में यह अब तक की सबसे अधिक बिजली खपत होने का रिकॉर्ड है। दिल्ली के ऊर्जा मंत्री सत्येन्द्र जैन ने इसकी जानकारी देते हुए बताया है कि रिकॉर्ड स्तर पर बिजली की मांग होने के बावजूद इसे सफलतापूर्वक पूरा किया गया है।
सत्येन्द्र जैन ने दिल्ली को निर्बाध व रिकॉर्ड स्तर पर बिजली की आपूर्ति करने पर बिजली विभाग को बधाई दी है। इसके अलावा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस उपलब्धि के लिए खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि बिजली की मांग तेजी के साथ बढ़ने के बावजूद दिल्ली ने इसे अच्छी तरह संभाला है। एक ट्वीट में सीएम ने कहा कि, दिल्ली में अब बिजली की कटौती नहीं बल्कि निर्बाध रूप से इसकी आपूर्ति हो रही है।
स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर दिल्ली के अनुसार दिल्ली में 2 जुलाई को दोपहर करीब 03.16 बजे 7323 मेगावाट बिजली की मांग हुई। जबकि एक दिन पूर्व गुरुवार को 7026 मेगावाट बिजली की मांग हुई थी। जबकि बुधवार को भी 6921 मेगावाट बिजली की मांग हुई। इससे पहले राजधानी में 2 जुलाई 2019 को रिकॉर्ड बिजली की खपत हुई थी। तब एक दिन में दिल्ली में 7409 मेगावाट बिजली की मांग हुई थी। पिछले साल गर्मियों में 29 जून को सर्वाधिक 6314 मेगावाट बिजली की मांग दर्ज की गई थी।
दिल्ली में 7900 मेगावाट बिजली आपूर्ति की छमता
बीएसईएस राजधानी पॉवर लिमिटेड और बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड ने अपने-अपने क्षेत्रों में पीक आवर के दौरान क्रमश: 3079 और 1640 मेगावाट बिजली आपूर्ति की है। लॉकडाउन और बढ़ती गर्मी के चलते बीएसईएस ने पहले से अनुमान लगाया था कि दिल्ली में करीब 7900 मेगावाट बिजली की मांग हो सकती है, इसके लिए वह पहले से ही तैयार हैं।