आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने दिल्ली सरकार की आबकारी नीति से संबंधित ईडी की जांच में अपना नाम आने की खबर को सरासर गलत और राजनीति से प्रेरित करार दिया। उन्होंने कहा कि ईडी या किसी भी एजेंसी की जांच में उनका नाम आरोपी, संदिग्ध व्यक्ति या गवाह के तौर पर नहीं है। उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए यह झूठी खबर फैलाई जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि गलत खबर फैलाने बंद किया जाए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राघव ने दी मीडिया को चेतावनी
राघव चड्ढा ने कहा कि सबसे पहले मैं यह स्पष्ट कर देने चाहता हूं कि सुबह से जो भी खबर न्यूज चैनल्स पर दिखाई जा रही है, वह पूरी तरह से गलत है। स्टोरी पूरी तरह से मोटिवेटेड है। शराब घोटाल मामले में ईडी की रिपोर्ट में मेरा नाम कहीं भी आरोपी या संदिग्ध के तौर पर कहीं भी नहीं है। बतौर गवाह के तौर पर भी मेरा नाम नहीं है। लेकिन सुबह से देशभर में प्रचार किया जा रहा है कि मेरा नाम ईडी ने एक अभियुक्त के तौर पर चार्जशीट में जोड़ा है। यह पूरी तरह से गलत है। मैं एक स्टेटमेंट रखकर आपके सामने अपनी बात कहना चाहूंगा। मैं मीडिया से अपील करना चाहता हूं कि मेरी स्थिति को साफ करें। नहीं तो मैं कानून कार्रवाई करूंगा। मेरा नाम कहीं पर भी शराब घोटाला मामले में नहीं है।
आप नेता राघव चड्ढा ने मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में न्यूज चैनलों, अखबारों और वेबसाइट्स पर उनके संबंध में चल ही खबरों को गलत बताते हुए स्थिति साफ की। उन्होंने कहा कि सुबह से न्यूज चैनलों, बेवसाइट या अखबारों के माध्यम से उनके संबंध में की जा रही रिपोर्ट पूरी तरह गलत और प्रेरित है। इसके अलावा वह तथ्यहीन है। उन्होंने कहा कि उनका नाम ईडी की किसी भी शिकायत में आरोपी या संदिग्ध व्यक्ति के तौर पर नहीं है। बतौर गवाह भी उनका नाम नहीं है। इसके बावजूद सुबह से न्यूज चैनलों के जरिए देशभर में प्रचार किया जा रहा कि ईडी ने चार्जशीट में आरोपी के तौर पर उनका नाम शामिल कर कोर्ट में दायर किया है। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल से चल रही जांच पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है। इसका मकसद केवल आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल को खत्म करना है, क्योंकि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी लगातार बढ़ती जा रही है और भाजपा जानती है कि उसका कोई काल है, तो वो सिर्फ अरविंद केजरीवाल हैं।
ईडी की चार्जशीट में AAP का जिक्र, गोवा चुनाव में लगा पैसा
दिल्ली की विशेष अदालत ने सोमवार को ईडी के पूरक आरोपपत्र पर संज्ञान लिया। इसमें ईडी ने कंपनी और इसके मालिक और प्रवर्तक राजेश जोशी को भी आरोपी बनाया है। ईडी ने कहा कि जांच में पता चला कि राजेश जोशी समेत कई लोग इस आपराधिक आय के इस्तेमाल में शामिल थे। जोशी की कंपनी चैरियट प्रोडक्शंस मीडिया प्राइवेट लिमिटेड ने न सिर्फ बैंकिंग माध्यम से भुगतान किए, बल्कि करीब 30 करोड़ रुपये हवाला के जरिये इधर-उधर किए गए। इन सभी लेनदेन में वास्तविक लाभार्थी आप थी, क्योंकि यह लेनदेन गोवा चुनाव में प्रचार के लिए किया गया। यह भुगतान वेंडरों को किया गया जो गोवा चुनाव प्रचार का काम देख रहे थे। हालांकि आम आदमी पार्टी लगातार इन आरोपों का खंडन करती रही है।
फिर राघव चड्ढा का जिक्र
ईडी ने अपने आरोपपत्र में पहले की तरह एक बार फिर राघव चड्ढा का जिक्र किया। दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के सचिव सी अरविंद के बयान का उल्लेख करते हुए ईडी ने कहा कि तत्कालीन उपमुख्यमंत्री (सिसोदिया) के आवास पर राघव चड्ढा, आबकारी आयुक्त वरुण रूजम, एफसीटी और पंजाब आबकारी के अधिकारियों की बैठक हुई थी। इस बैठक में विजय नायर भी मौजूद थे। लेकिन वहीं आज शाम को राघव चड्ढा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।