एमसीडी चुनाव के लिए भाजपा की रायशुमारी सिर्फ दिखावटी रही। महज एक घंटे पहले पार्टी में शामिल हुए नेता प्रत्याशी बन गए। इसका अंदरखाने विरोध भी तेज हो गया है। प्रदेश भाजपा ने सभी ढाई सौ वार्ड में प्रत्याशियों के चयन के लिए पिछले दिनों रायशुमारी की थी।
वार्ड के प्रतिनिधियों से पसंद के उम्मीदवारों के लिए बंद डिब्बे में नाम डालने को कहा गया था। जोरशोर से चले इस रायशुमारी में प्रदेश ही नहीं राष्ट्रीय नेतृत्व के भी नेताओं को वार्ड में भेजा गया था। लेकिन वार्ड, मंडल, जिले के नेताओं को खबर तक नहीं की गई और दावेदारों के भविष्य को डिब्बे में कैद कर दिया गया।
अब जब पहली सूची जारी हो गई है तो इसे लेकर दावेदार नाराजगी जाहिर कर रही है। इतना ही नहीं जब बंद डिब्बे में दावेदारों के बॉयोडाटा से मिलान नहीं हुआ तो सभी नेता आश्चर्य में है। सूची को देखे तो प्रदेश के महामंत्री की खूब चली है। माना जा रहा है कि पूर्वी दिल्ली इलाके में ज्यादातर दावेदारों को टिकट दिलाने में उन्हें कामयाबी मिली है।
भाजपा नेताओं का विरोध पहली सूची को लेकर इस बात को लेकर भी है कि गोविंदपुरी निगम वार्ड के पूर्व पार्षद चंद्र प्रकाश को शाम छह बजे के करीब भाजपा परिवार में शामिल किया गया और पहली सूची जारी होने के एक घंटे में ही उनको प्रत्याशी बना दिया गया। भाजपा सूत्रों का कहना है कि सांसदों व विधायकों, प्रदेश पदाधिकारियों के खाते में कई वार्ड के प्रत्याशी को जगह तो मिली है बावजूद उनमें नाराजगी है।