लोकनायक अस्पताल में निर्माणाधीन भवन के बेसमेंट में काम कर रहे एक मजदूर की करंट लगने से मौत हो गई। इससे पहले पिछले रविवार को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के गेट के पास करंट लगने से महिला शिक्षक की मौत हो गई थी। वहीं, मजदूर की मौत के बाद दिल्ली सरकार ने उपराज्यपाल को पत्र लिखकर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।
पुलिस के अनुसार, रविवार सुबह करीब नौ बजे समस्तीपुर निवासी सुजीत कुमार बेसमेंट में काम कर रहा था। इस बीच अचानक उसे करंट लग गया। साथी मजदूर उसे उठाकर अस्पताल की इमरजेंसी में ले गए जहां सुजीत को मृत घोषित कर दिया गया। डीसीपी कार्यालय का कहना है कि सुबह करीब नौ बजे सुजीत को लोकनायक अस्पताल की इमरजेंसी में उपचार के लिए लाया गया था।
यहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सुजीत समस्तीपुर का रहने वाला था। इधर, लोकनिर्माण विभाग मंत्री आतिशी ने उपराज्यपाल को पत्र लिखकर हर्ष विहार और लोकनायक अस्पताल में हुई घटना के मामले में लापरवाही बरतने वाले दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पत्र में उन्होंने लिखा कि पिछले आठ सालों से दिल्ली का सेवा विभाग उपराज्यपाल के हाथों में हैं, लेकिन अभी तक किसी भी गलत काम करने वाले या सेवा में लापरवाही करने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। दिल्ली में लापरवाही और भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ उपराज्यपाल की निष्क्रियता के कारण ऐसी घटनाएं हो रही हैं। उपराज्यपाल इस मामले में चुप्पी तोड़ें और तुरंत कार्रवाई करें।
आरोपी स्वदेशी कंस्ट्रक्शन के अधिकारी फरार : करंट से मजदूर की मौत के बाद आरोपी स्वदेशी कंस्ट्रक्शन कंपनी के अधिकारी फरार हो गए। कंपनी लोकनायक अस्पताल परिसर में 22 मंजिला मातृ एवं शिशु उपचार केंद्र का निर्माण कर रही है। ढाई साल से चल रहे निर्माण की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग के पास है।
एक करोड़ रुपये का मुआवजा दे सरकार : कांग्रेस : प्रदेश कांग्रेस ने एलएनजेपी अस्पताल में करंट लगने से मौत के मामले में चिंता जताई है। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता डाॅ. नरेश कुमार ने मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल से मांग की है कि बिजली कंपनी के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाए। इसके अलावा मृतक के आश्रित को नौकरी देने के साथ-साथ एक करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए। बिजली कंपनी चोरी का मामला दर्ज कराने में कोई देरी नहीं करती है। इस कारण करंट से मौत होने पर बिजली कंपनी के खिलाफ भी मामला दर्ज होना चाहिए। बिजली कंपनियों की लापरवाही से इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं और दिल्ली सरकार कार्रवाई करने की जगह हाथ पर हाथ धरे बैठी है।
खुले तार पड़े होने की आशंका : पुलिस
मजदूर बेसमेंट में पानी चलाने गया था, तभी उसे करंट लग गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में आंशका है कि घटनास्थल पर पानी में खुले तार पड़े थे। ऐसे में पानी में पैर रखने की वजह से सुजीत को करंट लग गया। फिलहाल, यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि किस स्तर पर लापरवाही बरती गई। इसके लिए पुलिस ने घटनास्थल पर फोरेंसिक जांच भी करवाई। इसकी रिपोर्ट दो से तीन दिन में आएगी।
आतिशी का एलजी को पत्र जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश : सचदेवा
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि मंत्री आतिशी का उपराज्यपाल को लिखा पत्र दिल्ली सरकार की विफलताओं से अधिक लोक निर्माण विभाग की विफलता है। जनता का ध्यान हटाने का महज एक प्रयास है। दो दिन पहले ऑटो चालक की पीडब्ल्यूडी निर्माण स्थल पर पानी से भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई तो अब एलएनजेपी अस्पताल के पीडब्ल्यूडी निगरानी वाले निर्माण स्थल पर मजदूर की करंट लगने से मौत हो गई। आतिशी प्रशासनिक जिम्मेदारी से भागने वाले केजरीवाल को बचाने की कोशिश कर रही हैं।