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दिल्ली: हिजबुल मुजाहिदीन प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन और अन्य से जुड़े टेरर फंडिंग मामले में अभियोग तय, कोर्ट ने समन भेजा

Thu, 09 Dec 2021 06:50 PM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने अपने फैसले में कहा कि पेश दस्तावेजों, साक्ष्यों /सबूतों को देखने से स्पष्ट है कि आरोपियों के खिलाफ पीएमएलए की धारा 3 के तहत मामला बनता है। ईडी के अनुसार जांच के दौरान विनिमय व्यापार में शामिल कुछ भारतीय फर्मों को समन जारी किया गया और तीन फर्मों के बयान दर्ज किए गए।
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सैयद सलाहुद्दीन - फोटो : File Photo
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विस्तार
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अदालत ने आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन (एचएम) के प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन और अन्य से जुड़े टेरर फंडिंग मामले से संबंधित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धाराओं के तहत संज्ञान लेते हुए अभियोग तय कर दिए। अदालत ने सैयद सलाहुद्दीन सहित सभी आरोपियों के खिलाफ समन भी जारी कर पेश करने का निर्देश दिया है। अदालत ने मामले की सुनवाई 7 फरवरी 2022 तय की है।

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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने अपने फैसले में कहा कि पेश दस्तावेजों, साक्ष्यों /सबूतों को देखने से स्पष्ट है कि आरोपियों के खिलाफ पीएमएलए की धारा 3 के तहत मामला बनता है।

ईडी के अनुसार जांच के दौरान विनिमय व्यापार में शामिल कुछ भारतीय फर्मों को समन जारी किया गया और तीन फर्मों के बयान दर्ज किए गए। जांच के दौरान विभिन्न अधिकारियों से साक्ष्य जुटाए गए। इस संबंध में ईडी ने संपत्तियों को भी कुर्क किया गया।

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ईडी ने कहा कि जांच में पता चला कि मोहम्मद शफी शाह, तालिब लाली, मो. युसूफ शाह उर्फ सैयद सलाहुद्दीन, गुलाम नबी खान, उमर फारूक शेरा, मंजूर अहमद डार, जफर हुसैन भट, नजीर अहमद डार, अब्दुल मजीद सोफी और मुबारक शाह ने सह साजिशकर्ताओं और सहयोगियों की मिलीभगत से कई आतंकवादी घटनाओं को अंजाम दिया। इसके अलावा एचएम और अन्य आतंकवादी संगठनों के सक्रिय कैडरों को अपने खर्च और वितरण के लिए विभिन्न माध्यमों से पाकिस्तान से धन एकत्र किया और प्राप्त किया। विस्फोटक और आतंकवादी घटनाओं के लिए उपयोग की जाने वाली सामग्री की खरीद और आतंकवादी घटनाओं के लिए उकसाया।

मामले में ईडी की ओर से पेश विशेष लोक अभियोजक नितेश राणा ने अदालत को बताया कि आरोपियों ने भारत में आतंकी गतिविधियों के लिए 80 करोड़ रुपये एकत्रित किए थे।
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