ईडी ने कहा कि जांच में पता चला कि मोहम्मद शफी शाह, तालिब लाली, मो. युसूफ शाह उर्फ सैयद सलाहुद्दीन, गुलाम नबी खान, उमर फारूक शेरा, मंजूर अहमद डार, जफर हुसैन भट, नजीर अहमद डार, अब्दुल मजीद सोफी और मुबारक शाह ने सह साजिशकर्ताओं और सहयोगियों की मिलीभगत से कई आतंकवादी घटनाओं को अंजाम दिया। इसके अलावा एचएम और अन्य आतंकवादी संगठनों के सक्रिय कैडरों को अपने खर्च और वितरण के लिए विभिन्न माध्यमों से पाकिस्तान से धन एकत्र किया और प्राप्त किया। विस्फोटक और आतंकवादी घटनाओं के लिए उपयोग की जाने वाली सामग्री की खरीद और आतंकवादी घटनाओं के लिए उकसाया।
मामले में ईडी की ओर से पेश विशेष लोक अभियोजक नितेश राणा ने अदालत को बताया कि आरोपियों ने भारत में आतंकी गतिविधियों के लिए 80 करोड़ रुपये एकत्रित किए थे।