पीठ ने कहा अपील पर सुनवाई में जमानत से अधिक समय लगेगा। जमानत और अपील पर निर्णय लेते समय अलग-अलग विचार किया जाएगा। हमने अंसल के फैसले में ऐसा कहा है और इसे सर्वोच्च न्यायालय ने बरकरार रखा है। विशेष लोक अभियोजक ने तब दस्तावेजों को रिकॉर्ड पर रखने के लिए समय मांगा, जिसे अदालत ने अनुमति दी थी। मामले की सुनवाई 26 मई को होगी।
इमाम ने दिल्ली में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) और जामिया मिल्लिया इस्लामिया में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और नागर राष्ट्रीय रजिस्टर (एनआरसी) के विरोध में दिए गए कथित भड़काऊ भाषण से संबंधित एक मामले में उनके खिलाफ आरोप तय करने को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। विशेष अदालत ने उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 124ए के साथ-साथ धारा 152ए (धर्म आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) व अन्य धाराओं के तहत खिलाफ आरोप तय किए गए है।