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हाईकोर्ट का निर्देश : भीख मांगें या उधार लें लेकिन कर्मचारियों के वेतन का भुगतान करना ही होगा

Sat, 29 May 2021 04:23 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

  • कर्मचारियों व अवकाश प्राप्त कर्मचारियों को पेंशन व बकाया राशि का भुगतान न करने नगर निगम को कड़ी फटकार
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दिल्ली उच्च न्यायालय - फोटो : ANI
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विस्तार
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हाईकोर्ट ने आदेश के बावजूद कर्मचारियों व अवकाश प्राप्त कर्मचारियों को पेंशन व बकाया राशि का भुगतान न करने पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने उत्तरी एमसीडी के आयुक्त को तलब किया है।

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न्यायमूर्ति विपिन सांघी और जसमीत सिंह की पीठ ने कहा आप भीख मांगे, उधार ले या चोरी करे लेकिन आपको कर्मचारियों की राशि का भुगतान करना ही होगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि अगली तारीख तक 5 अप्रैल के आदेश का पालन नहीं किया जाता है तो उत्तरी एमसीडी आयुक्त संजय गोयल सुनवाई में मौजूद रहेंगे।

अदालत का यह निर्देश अखिल दिल्ली प्राथमिक शिक्षामित्र संघ की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याची के अधिवक्ता रंजीत शर्मा ने अदालत को बताया कि न्यायिक आदेशों के बावजूद सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन का भुगतान नहीं किया गया। उन्होंने उत्तरी दिल्ली नगर निगम के खिलाफ अवमानना शुरू करने की मांग की।
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अदालत ने उत्तरी एमसीडी को इस मामले में नोटिस जारी कर दो दिन में अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। अदालत ने मामले की सुनवाई 31 मई तय की है।
उत्तरी एमसीडी की और से पेश अधिवक्ता दिव्य प्रकाश पांडे ने कहा कि वे वेतन मामलों में रिपोर्ट दाखिल करने की प्रक्रिया में हैं और उन्होंने वेतन और पेंशन के लिए पैसे वितरित करने की कोशिश की है और अप्रैल तक वेतन का भुगतान कर दिया है। 

खंडपीठ ने उनके तर्क को खारिज करते हुए कहा, हम इस बारे में चिंतित नहीं हैं। आप भीख मांगते हैं, उधार लेते हैं या चोरी करते हैं लेकिन राशि का भुगतान करना होगा। कोर्ट ने इससे पहले भी सभी श्रेणियों के सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के वेतन और पेंशन का बकाया राशि स्पष्ट करने के लिए समय बढ़ाने से इंकार कर दिया था। कोर्ट ने सभी बकाया राशि को मंजूर करने के लिए 5 अप्रैल तक का समय दिया था।

अदालत ने दिल्ली की तीनों एमसीडी को 5 अप्रैल को या उससे पहले सभी पूर्व कर्मचारियों और सभी श्रेणियों के सेवारत कर्मचारियों की पेंशन और वेतन के सभी बकाया राशि को जारी करने निर्देश दिया था। अदालत ने स्पष्ट किया था कि तीनों एमसीडी आयुक्त राशि का भगतान समय पर हो यह सुनिश्चित करे।
अदालत ने न्यूज पेपरों में प्रकाशित कस्तूरबा गांधी अस्पताल के डाक्टरों की धमकी पर भी संज्ञान लिया था कि यदि पिछले वर्ष मार्च माह से रूके पूरे वेतन का भुगतान न हुआ तो वे त्यागपत्र दे देगें।

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