ईपीएफओ के सदस्यों के लिए अपने ईपीएफ अकाउंट को आधार से लिंक करवाना अनिवार्य है। सोशल सिक्योरिटी कोड 2020 के तहत ईपीएफओ ने यूएएन को आधार से जोड़ने का निर्णय लिया था।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने राहत देते हुए यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) के साथ आधार संख्या को जोड़ने और उसके सत्यापन की समय सीमा 31 नवंबर तक बढ़ा दी है।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने कहा कि तब तक, नियोक्ताओं को उन कर्मचारियों के संबंध में भविष्य निधि जमा करने की अनुमति दी जाएगी, जिनका यूएएन आधार से लिंक नहीं है। साथ ही उनके खिलाफ कोई कठोर उपाय नहीं किया जाएगा।
बता दें कि ईपीएफओ के सदस्यों के लिए अपने ईपीएफ अकाउंट को आधार से लिंक करवाना अनिवार्य है। सोशल सिक्योरिटी कोड 2020 के तहत ईपीएफओ ने यूएएन को आधार से जोड़ने का निर्णय लिया था। इसके तहत सभी सदस्यों का यूएएन भी आधार वेरिफाइड होना जरूरी है। इसलिए ईपीएफ अकाउंट को आधार से जोड़ना और यूएएन को आधार वेरिफाइड करना जरूरी है।
विज्ञापन
ईपीएफओ का कहना है कि कोरोना वायरस के कारण आई दिक्कतों के कारण यूएएन को आधार से जोड़ने में मुश्किलें आईं। इसे देखते हुए ईपीएफओ ने केंद्र सरकार से मंजूरी लेकर यूएएन को आधार से जोड़ने की समयसीमा बढ़ा दी।