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दिल्ली: हाईकोर्ट ने रेस्तरां, पब में हर्बल हुक्का की बिक्री को दी अनुमति, कहा- कोविड-19 के दिशा-निर्देश का पालन जरूरी

Tue, 16 Nov 2021 04:20 PM IST
अनुराग सक्सेना पीटीआई, नई दिल्ली

सार

हर्बल फ्लेवर्ड हुक्का की बिर्की पर रोक के खिलाफ विभिन्न रेस्तरां और बार द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए जस्टिस रेखा पल्ली ने कहा कि महामारी की वजह से लगाए गए प्रतिबंध हमेशा नहीं चल सकते। उन्होंने कहा कि प्रशासन पहले ही सिनेमा हॉल और स्वीमिंग पूल को पूरी क्षमता से खुलने की अनुमति प्रदान कर चुका है।
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दिल्ली हाईकोर्ट
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विस्तार
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उच्च न्यायालय ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में रेस्तरां और पब में हर्बल हुक्के के इस्तेमाल के अस्थायी तौर पर अनुमति प्रदान कर दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि कोविड -19 प्रतिबंधों को आजीविका की कीमत पर जारी रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

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न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने यह मंजूरी हर्बल फ्लेवर्ड हुक्के की बिक्री या सेवा पर रोक के खिलाफ कई रेस्तरां और पब की याचिका पर दी है। उन्होंने कहा कि महामारी के कारण लगाए गए प्रतिबंध हमेशा के लिए नहीं चल सकते। अदालत ने कहा संबंधित अधिकारियों ने पहले ही सिनेमा हॉल और स्विमिंग पूल को पूरी क्षमता से काम करने की अनुमति दे दी है।

अदालत ने स्पष्ट किया कि वह अंतरिम राहत के रूप में यह अनुमति दे रही है और यह याचिकाकर्ताओं द्वारा यह वचन देने के अधीन है कि वे हर्बल हुक्का की सेवा करते समय कोविड-19 उचित व्यवहार का कड़ाई से पालन करेंगे। अदालत ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि सुनवाई की अगली तारीख तक याचिकाकर्ताओं के नियमों का पालन करने की शर्त पर हर्बल हुक्के की सेवा में हस्तक्षेप करने से परहेज करे। अदालत ने कहा यदि कोविड महामारी में कोई परिवर्तन आता है तो सरकार अदालत के समक्ष याचिका दायर कर सकती है। अदालत ने दिल्ली सरकार को याचिकाओं पर जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए कहा कि अगर अन्य रेस्तरां और बार कोविड-19 प्रोटोकॉल के अनुपालन में हर्बल हुक्का की सेवा करने की अनुमति के लिए संपर्क करते हैं तो उस पर विचार किया जाए।

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यह याचिका पश्चिम पंजाबी बाग में ब्रीद फाइन लाउंज और बार, टीओएस, आर हाई स्पीडबार और लाउंज, बरामदा चांदनी और सिक्स एम्पिरिका लाउंज द्वारा दायर की थीं। याचिका में तर्क रखा था कि वे हर्बल हुक्के परोस रहे हैं जिसके लिए कोई लाइसेंस की जरूरत नहीं है क्योंकि वे पूरी तरह से तंबाकू के बिना हैं लेकिन पुलिस अभी भी छापे मार रही थी, उपकरण जब्त कर रही थी और चालान कर रही थी।

दिल्ली सरकार ने किया था याचिका खारिज करने का आग्रह
दिल्ली सरकार ने कोविड के चलते हर्बल हुक्का पर प्रतिबंध को उचित ठहराते हुए याचिका खारिज करने का आग्रह किया था। अदालत ने सरकार के तर्क को खारिज करते हुए कहा कि अब आपने सब कुछ खोल दिया है। सिनेमा हॉल, स्विमिंग पूल पूरी क्षमता से खोल दिए गए है। आप हुक्के पर प्रतिबंध लगाना चाहते हैं, आप ऐसा कर सकते हैं लेकिन कोविड के आधार पर नहीं। अदालत ने दिल्ली सरकार के वकील संतोष कुमार त्रिपाठी से कहा, क्या हो रहा है? इन लोगों (याचिकाकर्ताओं) को जीवित नहीं रहना है? आप आजीविका की कीमत पर इस तरह के प्रतिबंध नहीं लगा सकते।

दिल्ली सरकार के वकील ने आधिकारिक रुख दोहराया कि हर्बल हुक्का को बेचने और अभी के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती । वहीं याचिकाकर्ताओं का कहना था कि हर्बल हुक्के की बिक्री और इस्तेमाल पर रोक जारी रखना अनुचित है। उच्च न्यायालय ने इससे पहले दिल्ली सरकार को प्रतिबंध पर पुनर्विचार करने और हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया था। अदालत ने मामले की सुनवाई 9 फरवरी 2022 तय की है।
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