बुराड़ी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में प्रशिक्षण शुरू
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केजरीवाल सरकार ने बुराड़ी स्थित चालक प्रशिक्षण संस्थान में भारी मोटर वाहन (एचएमवी) लाइसेंस प्राप्त करने के लिए शुक्रवार से महिलाओं का प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया है। इस मौके पर परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत भी मौजूद थे। प्रशिक्षण के बाद महिलाओं के हाथों में डीटीसी और क्लस्टर बसों का स्टेयरिंग होगा। यह कार्यक्रम परिवहन विभाग और भारत सरकार की संयुक्त पहल का एक हिस्सा है।
सार्वजनिक परिवहन में महिला सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली में डीटीसी और क्लस्टर बसें चलाने के लिए महिला ड्राइवरों को शामिल करने के लिए इस दिशा में पहल की गई। इसका उद्देश्य दिल्ली में महिलाओं को रोजगार का अवसर मुहैया करना है।
दिल्ली सरकार ने 180 ऐसी महिला चालकों के लिए प्रशिक्षण के लिए पहले बैच की शुरुआत की है। दिल्ली इंटिग्रेटेड मल्टी-मोडल ट्रांजिट सिस्टम लिमिटेड (डीआईएमटीएस) ने अपने सीएसआर समर्थन के तहत इस कार्यक्रम को लागू करने के लिए सोसाइटी फॉर ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (एसडीटीआई) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
महिला चालकों को विशेषज्ञों द्वारा कौशल परीक्षण सहित योग्यता प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसमें कक्षा के साथ ड्राइविंग का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इस दौरान भावी महिला चालकों को कंप्यूटर की जानकारी भी दी जाएगी। पांच बैच में महिलाओं के लिए 30 दिन का प्रशिक्षण होगा। मिशन परिवर्तन और महिला संचालित सार्वजनिक परिवहन सेवाएं दिल्ली में महिलाओं के लिए सम्मान और अवसर और स्वरोजगार के बड़े दरवाजे खोलना है। कार्यक्रम का उद्देश्य दिल्ली में प्रशिक्षित महिला एचएमवी ड्राइवरों का एक पूल बनाना और सम्मान पैदा करना है।
महिलाओं को छूट से बढ़ेगी संख्या
दिल्ली सरकार के एनसीटी की ओर से महिला चालकों के लिए ऊंचाई मानदंड सहित न्यूनतम तीन वर्ष के एचएमवी लाइसेंस की अनिवार्यता से भी छूट दी गई है। इस कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षुओं को वाहन तंत्र और मरम्मत, मध्यम और भारी शुल्क ड्राइविंग, यातायात शिक्षा, जनसंपर्क और लोगों के कौशल, अग्नि खतरों प्राथमिक चिकित्सा और वाहन रखरखाव पर प्रशिक्षण प्राप्त करने का मौका मिलेगा। इस दौरान परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने महिला चालकों से बातचीत कर उन्हें प्रोत्साहित किया।
कैलाश गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली पिछले कुछ वर्षों में परिवहन में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए बड़े कदम उठा रही है। भर्ती नियमों में बदलाव सहित महिलाओं के लिए अनुभव और ऊंचाई पात्रता मानदंड को कम किया है। इससे हमारी नई बसें लो फ्लोर, स्वचालित और चलाना आसान होगा और आने वाले वर्षों में महिला चालकों की संख्या बढ़ेगी।