दिल्ली नगर निगम संशोधन विधेयक 2022 को राज्यसभा में लाने से रोकने के लिए आम आदमी पार्टी ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया है। राज्यसभा में आप सांसद संजय सिंह ने शुक्रवार को इस मुद्दे पर चर्चा के लिए नोटिस दिया है।
नोटिस में पेश किए जाने वाले विधेयक के संदर्भ में सदन की प्रक्रिया और संचालन नियम 67 का हवाला दिया गया है। संजय सिंह ने नोटिस दिए जाने की जानकारी देते हुए दावा किया, दिल्ली के बारे में कोई भी फैसला लेने का अधिकार केवल राज्य की चुनी हुई सरकार को है।
मोदी सरकार लोकतांत्रिक परंपराओं और संविधान का गला घोंट रही है। नोटिस में सिंह ने कहा है कि दिल्ली नगर निगम संशोधन विधेयक-2022 को उच्च सदन में पेश नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा, नियम 67 कहता है कि यदि विधेयक सदन की विधायी क्षमता का नहीं है तो विधेयक को पेश करने का विरोध किया जा सकता है।
आप सांसद ने लिखा, संविधान के भाग नौ ए के अनुसार नगर पालिकाओं के कामकाज के सभी पहलुओं पर कानून बनाने की जिम्मेदारी राज्य विधानसभा की है। ऐसे में केंद्र सरकार को इस विधेयक को लाने का कोई हक नहीं है। इसलिए वह सभापति से अनुरोध करते हैं कि वह इस विधेयक को सदन में पेश करने की अनुमति न दे और सरकार को इसे वापस लेने का आदेश दे।