गरमी बढ़ने के साथ दिल्ली में गहराते जल संकट की बड़ी वजह जल शोधन संयंत्रों का सही तरीके से रखरखाव न हो पाना है। वजीराबाद और चंद्रावल जल शोधन संयंत्र में जमा गाद जलापूर्ति को प्रभावित कर रही है। दोनों संयंत्रों का मुआयना करने पहुंचे उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने इसे अक्षम्य लापरवाही बताया है।
जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो
तालाब क्षेत्र की गाद निकालने और सफाई करने की उपराज्यपाल ने नसीहत दी है। कहा है कि तत्काल प्रभाव से जल संयंत्रों की सफाई की जाए। कर्तव्य और आपराधिक लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इस तरह का कदाचार को अनदेखी नहीं की जा सकती। पर्यवेक्षण और निगरानी के उद्देश्य से अधिकारियों द्वारा नियमित आधार पर दौरे किए जाएं ताकि कमियों की पहचान की जा सके और समवर्ती रूप से उन्हें ठीक किया जा सके।
इस तरह की लापरवाही अक्षम्य
नोट में एलजी ने लिखा है कि बुनियादी सुविधा के प्रति इस तरह की लापरवाही अक्षम्य है। वजीराबाद बैराज में पानी के निम्न स्तर के कारण दिल्ली के कई इलाके जिसमें एनडीएमसी क्षेत्र, गुलाबी बाग, चाणक्यपुरी, विजय नगर और गुप्ता कॉलोनी समेत दिल्ली के अधिकांश हिस्सों में आपूर्ति प्रभावित हुई थी। जल बोर्ड ने इसके लिए यमुना में पानी के निम्न स्तर को जिम्मेदार ठहराया था, जबकि सच्चाई यह है कि डी सिल्टिंग जैसी बुनियादी चीज पर पिछले आठ वर्षों के दौरान जल बोर्ड ने काम नहीं किया।
शराब की बोतल, सिगरेट समेत गंदगी का जमाव देखा
निरीक्षण के दौरान उपराज्यपाल ने देखा कि जहां संयंत्र से पानी उपचारित होता है, वहां की पाइप लाइन में जंग लगी थी। इसके चैंबर भी गंदगी और कचरे से भरे थे। इसमें खाली शराब की बोतलें, प्लास्टिक कचरा, सिगरेट मिली। साइट निरीक्षण की तस्वीर में यह साफ तौर पर दिखाई भी दे रहा है।