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दिल्ली सरकार : शहीदों के परिजनों को एक-एक करोड़ की सहायता

Sat, 09 Oct 2021 06:23 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

एयरफोर्स के शहीद कर्मी से मुलाकात करने पहुंचे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल।
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अरविंद केजरीवाल - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को देश के लिए शहीद हुए छह जाबाजों के परिजनों को एक करोड़ रुपये साहयता राशि का चैक सौंपा। इस कड़ी में भारतीय वायु सेना के जवान शहीद राजेश कुमार, दिल्ली पुलिस के शहीद एसीपी संकेत कौशिक, शहीद कॉन्स्टेबल विकास कुमार, शहीद सिविल डिफेंसकर्मी प्रवेश कुमार, एयरफोर्स के स्क्वाड्रन लीडर मीत कुमार व एयरफोर्स के सुनित मोहंती के परिजनों से आप विधायकों व राज्यसभा सांसद ने मुलाकात की। शहीद राजेश कुमार के परिजनों से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री केजरीवाल भावुक हो गए।

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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि स्वर्गीय राजेश कुमार दो साल पहले अरूणांचल प्रदेश में तैनात थे और वहां ऑपरेशनल ट्रेनिंग सॉर्टी (एयर मेंटेनेंस) के दौरान उनका एयर क्राफ्ट दुर्घटनाग्रस्त होने से वह शहीद हो गए थे। फौज में तैनात दिल्ली के जो भी लोग शहीद होते हैं उन लोगों को दिल्ली सरकार एक करोड़ रुपये की सम्मान राशि देती है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय राजेश कुमार के जान की कीमत नहीं लगाई जा सकती है, लेकिन उम्मीद है कि इससे शहीदों के परिवार को थोड़ी मदद मिलेगी। स्वर्गीय राजेश की एक बहन को पहले ही सिविल डिफेंस में शामिल कर लिया है और दूसरी बहन को भी दिल्ली सरकार नौकरी देगी। साथ ही जो भी संभव होगा, वह सब कुछ परिवार के लिए किया जाएगा। 

  परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि सरकार की तरफ से शहीद के परिवारों को सम्मान राशि सौंपी गई है। सरकार के मंत्री, विधायक और राज्यसभा सांसद ने शहीदों के परिवारों को उनके आवास पर जाकर आर्थिक सहायता दी है। दिल्ली पुलिस के एसीपी संकेत कौशिक 25 जुलाई 2020 को शहीद हो गए थे।
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मूलरूप से राजस्थान के अजमेर, शास्त्री नगर निवासी स्वर्गीय संकेत कौशिक की तैनाती साउथ वेस्ट दिल्ली में ट्रैफिक में थी। 25 जुलाई 2020 को उनकी ड्यूटी राजकोरी फ्लाईओवर पर थी। वह सरकारी वाहन से उमराव होटल के पास सर्विस लेन पर वाहनों की जांच करने लगे। इसी दौरान रात करीब आठ बजे गुरुग्राम की तरफ से तेज रफ्तार से आ रहे एक मिनी ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। उन्हें बेहद गंभीर हालत में एम्स में भर्ती कराया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। वहीं, दिल्ली पुलिस के कॉन्स्टेबल विकास कुमार एक अक्टूबर 2016 को शहीद हो गए थे।

हरियाणा के झज्जर जिला निवासी स्वर्गीय विकास की तैनाती नई दिल्ली स्थित वंसत विहार थाने में थी। वह 15 सितंबर 2016 को आउटर रिंग रोड के पास जीया सराय से नेहरू प्लेस तक पिकेट ड्यूटी कर थे। इसी दौरान मुनिरिका की तरफ से एक तेज रफ्तार कार ने बैरिकेड में टक्कर मार दी थी।  बैरिकेड कांस्टेबल विकास को लगा और वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें गंभीर हालत में एम्स ट्रामा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। एक अक्टूबर 2016 को उनका निधन हो गया था।

ट्रांसपोर्ट विभाग के सिविल डिफेंस कर्मी प्रवेश कुमार 20 सितंबर 2020 को शहीद हो गए थे। शहीद के नजफगढ़ स्थित आवास पर जाकर उनकी पत्नी पप्पी और मां संतोष देवी को मंत्री कैलाश गहलोत ने चैक सौंपा।  वायु सेना के मीत कुमार एयरक्राफ्ट दुर्घटना में 25 सितंबर 2018 को शहीद हो गए थे। एयरफोर्स के सुनित मोहंती 3 जून 2019 को एयरक्राफ्ट दुर्घटना में शहीद हो गए थे। 

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कोरोना से जान गंवाने वालों के परिवारों को मिल गई आर्थिक मदद

‘मुख्यमंत्री कोविड-19 परिवार आर्थिक सहायता योजना को लेकर सख्ती के बाद कोरोना से जान गंवाने वाले ज्यादातर लोगों के परिवारों को आर्थिक मदद मिल गई है। मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद अधिकारियों ने अब तक सत्यापित हुए आवेदनों में से 89 फीसदी पीड़ित परिवारों के खाते में एकमुश्त रकम (50 हजार रुपए) भेज दी है। वहीं शेष पीड़ित परिवारों को भी बुधवार तक यह रकम मिल जाएगी। 

शुक्रवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पुन: योजना की समीक्षा बैठक की और पीड़ित परिवारों को मदद पहुंचाने के लिए अधिकारियों के प्रयासों की सराहना भी की। इस दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सभी लाभार्थियों की मासिक पेंशन भी एक सप्ताह में चालू करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग अभी तक पंजीकृत नहीं हुए हैं, उन सभी लोगों का पंजीकरण करवाया जाए और सभी पीड़ितों परिवारों की पेंशन एक सप्ताह के अंदर चालू किया जाए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि मासिक पेंशन के लिए अब तक पंजीकृत आवेदकों में से 86 फीसद लोगों की पेंशन शुरू कर दी गई है। 

इस बैठक में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ, डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, कैबिनेट मंत्री कैलाश गहलोत व राजेंद्र पाल गौतम, मुख्य सचिव और डीएम समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।अधिकारियों ने बताया कि एकमुश्त सहायता के लिए प्राप्त आवेदनों में से 14605 आवेदन ऑनलाइन और होम विजिट करके सत्यापित किए गए हैं। इन सत्यापित आवेदनों में से 13005 लोगों के बैंक खाते में एकमुश्त सहायता राशि (50 हजार रुपए) भेज दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि कोरोना से हुई मौतों में 2196 परिवार ऐसे हैं, जिन्होंने एकमुश्त सहायता राशि के लिए आवेदन नहीं किया है।

वहीं, अधिकारियों ने बताया कि पीड़ितों को मासिक पेंशन से लाभांवित करने का काम तेजी से चल रहा है। अभी तक मासिक पेंशन के लिए जितने आवेदन रजिस्टर्ड हुए हैं, उनमें से सत्यापन के उपरांत 86 फीसद लोगों को पेंशन मिलनी शुरू हो गई है। इस दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मासिक पेंशन के लिए पंजीकरण और बढ़ाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मासिक पेंशन के लिए अभी तक जिन लोगों ने पंजीकरण नहीं कराया है, उन सभी लोगों से संपर्क कर उनका पंजीकरण कराया जाए और मसिक पेंशन के लिए पंजीकरण कराकर एक सप्ताह के अंदर सभी को पेंशन देना शुरू करें।

ऑनलाइन भी कर सकते हैं आवेदन
जिन लोगों के घर में कोरोना की वजह से मौत हुई है, वे योजना का लाभ लेने के लिए दो तरह से आवेदन कर सकते हैं। वे खुद पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं और दूसरा दिल्ली सरकार के अधिकारी खुद पीड़ित परिवार के घर जाएंगे और फॉर्म भरवा कर रजिस्ट्रेशन करवाएंगे।
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