‘मुख्यमंत्री कोविड-19 परिवार आर्थिक सहायता योजना को लेकर सख्ती के बाद कोरोना से जान गंवाने वाले ज्यादातर लोगों के परिवारों को आर्थिक मदद मिल गई है। मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद अधिकारियों ने अब तक सत्यापित हुए आवेदनों में से 89 फीसदी पीड़ित परिवारों के खाते में एकमुश्त रकम (50 हजार रुपए) भेज दी है। वहीं शेष पीड़ित परिवारों को भी बुधवार तक यह रकम मिल जाएगी।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पुन: योजना की समीक्षा बैठक की और पीड़ित परिवारों को मदद पहुंचाने के लिए अधिकारियों के प्रयासों की सराहना भी की। इस दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सभी लाभार्थियों की मासिक पेंशन भी एक सप्ताह में चालू करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग अभी तक पंजीकृत नहीं हुए हैं, उन सभी लोगों का पंजीकरण करवाया जाए और सभी पीड़ितों परिवारों की पेंशन एक सप्ताह के अंदर चालू किया जाए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि मासिक पेंशन के लिए अब तक पंजीकृत आवेदकों में से 86 फीसद लोगों की पेंशन शुरू कर दी गई है।
इस बैठक में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ, डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, कैबिनेट मंत्री कैलाश गहलोत व राजेंद्र पाल गौतम, मुख्य सचिव और डीएम समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।अधिकारियों ने बताया कि एकमुश्त सहायता के लिए प्राप्त आवेदनों में से 14605 आवेदन ऑनलाइन और होम विजिट करके सत्यापित किए गए हैं। इन सत्यापित आवेदनों में से 13005 लोगों के बैंक खाते में एकमुश्त सहायता राशि (50 हजार रुपए) भेज दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि कोरोना से हुई मौतों में 2196 परिवार ऐसे हैं, जिन्होंने एकमुश्त सहायता राशि के लिए आवेदन नहीं किया है।
वहीं, अधिकारियों ने बताया कि पीड़ितों को मासिक पेंशन से लाभांवित करने का काम तेजी से चल रहा है। अभी तक मासिक पेंशन के लिए जितने आवेदन रजिस्टर्ड हुए हैं, उनमें से सत्यापन के उपरांत 86 फीसद लोगों को पेंशन मिलनी शुरू हो गई है। इस दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मासिक पेंशन के लिए पंजीकरण और बढ़ाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मासिक पेंशन के लिए अभी तक जिन लोगों ने पंजीकरण नहीं कराया है, उन सभी लोगों से संपर्क कर उनका पंजीकरण कराया जाए और मसिक पेंशन के लिए पंजीकरण कराकर एक सप्ताह के अंदर सभी को पेंशन देना शुरू करें।
ऑनलाइन भी कर सकते हैं आवेदन
जिन लोगों के घर में कोरोना की वजह से मौत हुई है, वे योजना का लाभ लेने के लिए दो तरह से आवेदन कर सकते हैं। वे खुद पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं और दूसरा दिल्ली सरकार के अधिकारी खुद पीड़ित परिवार के घर जाएंगे और फॉर्म भरवा कर रजिस्ट्रेशन करवाएंगे।