अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इसके उलट उस जमाने के डॉक्टरेट डिग्री हासिल करने वाले पहले भारतीय थे। उनको नौ भाषाएं आती थीं। वो किताबों के बड़े शौकीन थे। उनकी एक व्यक्तिगत लाइब्रेरी थी, जिसमें 50 हजार किताबें थीं। उनकी लाइब्रेरी का नाम राजगीर था। आज पूरी दुनिया उनकी कद्र करती है। लंदन के म्युजियम में आज कार्ल मार्क्स के बगल में उनकी प्रतिमा लगी हुई है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम आजादी का 75वां साल मना रहे हैं। इस मौके पर दिल्ली सरकार बाबा साहब डॉ. अंबेडकर के जीवन को बच्चे-बच्चे तक पहुंचाने के लिए दिल्ली सरकार उनके जीवन पर एक बहुत भव्य नाटक तैयार कर रही है। यह बहुत बड़े स्तर पर नाटक तैयार किया जा रहा है। पहला नाटक 5 जनवरी से पंडित जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में दिखाया जाएगा। यह पूरा नाटक उनके जीवन और विचारों के उपर आधारित होगा। इस नाटक के निर्देशन, आर्ट और क्रिएशन में नामचीन लोग जुड़े हुए हैं।
सबकी एंट्री होगी फ्री, नहीं लगेगा कोई टिकट
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि मंचन अंतरराष्ट्रीय स्तर का होगा। इसे देखने के लिए कोई भी आ सकता है। जनता के लिए बिल्कुल फ्री होगा। शायद भारत देश में पहली कोई सरकार है, जो बाबा साहेब अंबेडकर के जीवन को बच्चे-बच्चे तक पहुंचाने के लिए इस किस्म का प्रयास कर रही है। बाबा साहेब बहुत पढ़े-लिखे थे और उनको पढ़ाई की कीमत पता थी। उनका एक सपना था कि भारत के एक-एक बच्चे को अच्छी से अच्छी शिक्षा मिलनी चाहिए, चाहे वह कितना भी गरीब क्यों न हो। बाबा साहब के सपने को उन्होंने पूरा करने की बात कही।