दिल्ली सरकार राजधानी में तरल ऑक्सीजन के परिवहन की क्षमता को बढ़ा रही है। सरकार ने टाटा स्टील के कलिंगा नगर स्थित ऑक्सीजन प्लांट पर दो आईएएस अधिकारियों को नियुक्त किया है। शहर के भीतर विभिन्न अस्पतालों और संस्थानों में ऑक्सीजन के वितरण के लिए एक विकेंद्रीकृत प्रबंधन प्रणाली बनाई है।
अधिकारियों के मुताबिक, सभी जिलाधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि जल्द से जल्द ऑक्सीजन अस्पतालों तक पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग ने ऑक्सीजन सिलेंडर के डीलर नेटवर्क को सक्रिय करने का आदेश भी जारी किया है। औद्योगिक गैस देने वाले सभी डीलांओं को सिलिंडर भरने वालों के साथ जोड़ा गया है।
इसके अलावा सरकार ऑक्सीजन के लिए बफर स्टॉक भी बना रही है। शहर के 11 उपायुक्तों को 505 डी-टाइप सिलिंडर पहले ही दिए जा चुके हैं। ऑक्सीजन की आपूर्ति और मांग के वास्तविक समय की निगरानी के लिए 7 मई को नियंत्रण कक्ष भी बनाया जाएगा।
सरकार सिलेंडर दान करने के लिए अपील भी कर रही है। इसके लिए लोग आधिकारिक वेबसाइट
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होम आइसोलेशन मे लापरवाही बरतने पर अन्य लोग भी हो सकते हैं संक्रमित
राजधानी में कोरोना से संक्रमित करीब 50 हजार मरीज इस समय होम आइसोलेशन में हैं। बीते कुछ दिनों में कई हजार मरीज घर पर ही इलाज से स्वस्थ हो चुके हैं, हालांकि कुछ लोगों द्वारा कोविड गाइडलाइन का पालन न किए जाने से पूरे परिवार के संक्रमित होने के मामले सामने आ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि होम आइसोलेशन में बरती गई लापरवाही पूरे परिवार के लिए घातक साबित हो सकती है।
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अजय कुमार का कहना है कि ऐसे संक्रमित व्यक्ति जो आइसोलेशन में रह रहे हैं, लेकिन उनके घर में अलग से शौंचालय व अलग कमरे की व्यवस्था होनी चाहिए। यह लोग 14 दिन तक बाहर आना-जाना न करें।जरूरत की सभी चीजों को कमरे में ही मंगवा लें, और इस दौरान कोरोना के सभी नियमों का पालन करें।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग होम आइसोलेशन में लापरवाही बरत रहें हैं। उन्हें लग रहा है कि उनमें संक्रमण खत्म हो गया है और वह परिवार के अन्य सदस्यों से मिल रहे हैं। इससे पूरा परिवार ही संक्रमण की चपेट में आ रहा है। डॉ. के मुताबिक, ऐसे सभी व्यक्ति जिनके घर में पृथक कमरा, शौचालय आदि नहीं है उन्हें कोविड केंद्रों में क्ववारंटीन होना चाहिए।
इन नियमों का पालन जरूरी
-घर के अलग कमरे में रहें
-शौचालय की अलग व्यवस्था हो
-14 दिन तक बाहर न निकले
-जरूरी दवा और अन्य सामाग्री को कमरे के दरवाजे पर ही मंगवा ले
- नियमित अंतराल पर ऑक्सीजन व बुखार का स्तर मांपते रहे
- लोगों से बिलकुल न मिले
-कुछ भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर डॉक्टर से संपर्क करें
-हमेशा सकारात्मक रहें