जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय,नई दिल्ली
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जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन ने बृहस्पतिवार को कोरोना महामारी को लेकर विश्वविद्यालय कैंपस में भ्रामक प्रचार पर सख्त नाराजगी जतायी है। जेएनयू प्रशासन का कहना है कि महामारी के इस मुश्किल दौर में छात्र और शिक्षक भ्रामक प्रचार से अन्य छात्रों, शिक्षकों, कर्मियों और आवासीय परिसर के लोगों में डर पैदा न करें। इससे कोरोना महामारी से निपटने में दिक्कत आ रही है। इससे आम लोगों में डर पैदा होता है। इस प्रकार की गतिविधियांबिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं होगी। भ्रामक सूचनाओं का प्रचार करने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जेएनयू प्रशासन ने बृहस्पतिवार को अधिसूचना जारी की है। इसमें लिखा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन कैंपस में कोरोना की दूसरी खतरनाक लहर में संक्रमण से बचाने, संक्रमितों को दवा से लेकर अन्य सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए जेएनय समुदाय के साथ है। छात्रों, शिक्षकों, कर्मियों समेत कैंपस में रहने वाले सभी आवासीय परिसर के लोगों की हर संभव मदद कर रहा है। हालांकि इन प्रयासों के बाद भी कुछ छात्र और शिक्षक भ्रामक प्रचार कर अन्य लोगों में डर पैदा कर रहे हैं। इस प्रकार की गतिविधियां बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी। यदि कोई ऐसा करता पाया
दवा, एंबुलेंस, खाना, जांच, वैक्सीन को लेकर प्रोफेसर की टीम तैनात:
जेएनयू कैंपस में विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोरोना मरीजों की दवा, गरम खाना, आपात स्थिति में अस्पताल पहुंचाने को एंबुलेंस की व्यवस्था के लिए अलग-अलग प्रोफेसर की टीम 24 घंटे ऑन डयूटी पर तैनात कर रखी हैं। कैंपस के कोरोना मरीजों के लिए विशेष मोबाइल हेल्पलाइन नंबर भी जारी किये हैं,ताकि वे आपात स्थिति में सुविधा का लाभ उठा सकें। कमेटी छात्रों, शिक्षकों और कर्मियों के संपर्क में है। इसके अलावा उनके परिवारों का भी ध्यान रखा जा रहा है।
कोरोना संक्रमण के चलते कुछ परिवारों में खाने बनाने की दिक्कत हो रही थी। कोरोना परिवारों को उनके घर के गेट पर जेएनयू प्रशासन की ओर से गरम खाना दिया जा रहा है। दिल्ली सरकार के दिशा-निर्देश के तहत लॉकडाउन और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की कोविड-19 गाइडलाइन का पूरा पालन किया जा रहा है। जो लोग कोविड-19 आइसोलेशन सेंटर में जाना चाहते हैं, उसके लिए कैंपस में एबुलेंस की व्यवस्था की गई है।
घर और हॉस्टल में एक कॉल पर मदद:
दिल्ली में संक्रमण से हालात खराब है। इसको ध्यान में रखकर कैंपस के सभी सदस्यों की सुरक्षा समेत जीवन बचाने की कोशिश है। इसलिए डॉ द्वारा लिखित कोरोना दवा, प्लाज्मा, आपात स्थिति में अस्पताल और एम्बुलेंस आदि के लिए जेएनयू की कमेटी , केमिस्ट आदि सबके मोबाइल नम्बर भी शेयर किये गए हैं। कैंपस में कोरोना जांच कैम्प और टीकाकरण मेला चलाया गया था।
दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों ने बृहस्पतिवार को एक जून से शुरू होने वाले डीयू ओपन बुक एग्जाम को रद्द करने की मांग रखी है। दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रसंगठन आइसा ने ट्विटर पर सभी ऑनलाइन कक्षाएं स्थगित करने और ओपन बुक एग्जाम से होने वाली वार्षिक परीक्षा को रद्द करने का अभियान चलाया।
डीयू आइसा के पदाधिकारी अभिज्ञान के मुताबिक, कोरोना की दूसरी लहर दिल्ली एनसीआर ही नहीं, बल्कि देशभर में खतरनाक स्तर पर है। इस संक्रमण के चलते छात्र, शिक्षक और उनके परिजन भी चपेट में हैं। लंबी मांग के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन ने मध्य मई से अंतिम सेमेस्टर के छात्रों की ओपन बुक एग्जाम के माध्यम से होने वाली परीक्षा 15 दिन के लिए स्थगित की है।
हालांकि कोरोना हालात को देखकर लगता नहीं है कि स्थितियों में अभी कोई सुधार होने वाला है। परीक्षा की डेट नजदीक आने के चलते छात्र संक्रमण के साथ तैयारी को लेकर परेशान हैं। ऐसे हालात में कोई छात्र, शिक्षक और परिजन कैसे तैयारी कर सकते हैं। यह सबके साथ अन्याय होगा। इसलिए हमारी विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग है कि कोरोना हालात ठीक होने तक दिल्ली विश्वविद्यालय के ओपन बुक एग्जाम को स्थगित किया जाए। ताकि सभी इस मुश्किल वक्त में अपनों परिवारों पर फोकस रख सकें।