राशन की डोरस्टेप डिलीवरी योजना एक बार फिर दिल्ली के उपराज्यपाल के पाले में चली गई है। दिल्ली सरकार ने राशन की डोरस्टेप डिलीवरी योजना को लागू करने के लिए फाइल को उपराज्यपाल को भेज दिया है।
दिल्ली सरकार का कहना है कि पिछले सप्ताह ही दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और उपराज्यपाल को सशर्त इस योजना को लागू करने की अनुमति दी है, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने इसका प्रस्ताव उपराज्यपाल के पास भेजा है। मुख्यमंत्री ने उपराज्यपाल से अनुरोध किया है कि हाईकोर्ट ने योजना को लागू करने की अनुमति दे दी है, अब उप राज्यपाल भी दिल्ली कैबिनेट के पूर्व के निर्णय को लागू करने की मंजूरी दे दें, जिससे दिल्ली की जनता को राशन की डोरस्टेप डिलीवरी हो सके।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि डोरस्टेप डिलीवरी योजना को लागू करने का रास्ता अदालत ने भी साफ कर दिया है। दिल्ली सरकार योजना के प्रचार-प्रसार को लेकर हाईकोर्ट के दिए निर्देशों का पूरी ईमानदारी से पालन करेगी। उम्मीद है कि उपराज्यपाल पहले के निर्णय की समीक्षा करेंगे, ताकि हाईकोर्ट के आदेशों को लागू किया जा सके और दिल्ली के लोगों को राशन की डोर स्टेप डिलीवरी हो सके। उल्लेखनीय है कि इस योजना को लागू करने को लेकर विवाद चल रहा है।
किसी भी समय योजना से निकल कर उचित मूल्य की दुकान जाकर राशन खरीदने का होगा विकल्प
दिल्ली सरकार का कहना है कि 27 सितंबर को हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई हुई थी, जिसमें दिल्ली सरकार के वकील ने मजबूती से सरकार का पक्ष रखा। परिणाम स्वरूप कोर्ट ने वकील की दलील पर गौर किया कि अधिकांश लाभार्थियों ने अपने घर पर राशन की आपूर्ति का विकल्प चुना है और दिल्ली सरकार लाभार्थियों को एक विकल्प भी देगी कि वे अगर चाहते हैं, तो इस योजना से बाहर भी निकल सकते हैं।
दिल्ली सरकार के वकील ने कोर्ट को बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली योजना के तहत जो लाभार्थी अपने घर पर राशन की डिलीवरी का विकल्प चुनेंगे, उनके पास इस योजना से बाहर निकलने और किसी भी समय अपने राशन को प्राप्त करने के लिए उचित मूल्य की दुकानों पर वापस जाने का विकल्प होगा। साथ ही, दिल्ली सरकार राशन की डोरस्टेप डिलीवरी योजना का प्रचार प्रसार भी करेगी।