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घर-घर राशन योजना: हाईकोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली सरकार ने एलजी बैजल को फिर भेजा प्रस्ताव

Tue, 05 Oct 2021 01:26 PM IST
सुशील कुमार कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केजरीवाल सरकार ने घर-घर राशन डिलीवरी की फाइल मंगलवार को एलजी को भेजी। दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसले में डोर स्टेप डिलीवरी लागू करने को कहा था।
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अरविंद केजरीवाल-अनिल बैजल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राशन की डोरस्टेप डिलीवरी योजना एक बार फिर दिल्ली के उपराज्यपाल के पाले में चली गई है। दिल्ली सरकार ने राशन की डोरस्टेप डिलीवरी योजना को लागू करने के लिए फाइल को उपराज्यपाल को भेज दिया है।

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दिल्ली सरकार का कहना है कि पिछले सप्ताह ही दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और उपराज्यपाल को सशर्त इस योजना को लागू करने की अनुमति दी है, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने इसका प्रस्ताव उपराज्यपाल के पास भेजा है। मुख्यमंत्री ने उपराज्यपाल से अनुरोध किया है कि हाईकोर्ट ने योजना को लागू करने की अनुमति दे दी है, अब उप राज्यपाल भी दिल्ली कैबिनेट के पूर्व के निर्णय को लागू करने की मंजूरी दे दें, जिससे दिल्ली की जनता को राशन की डोरस्टेप डिलीवरी हो सके।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि डोरस्टेप डिलीवरी योजना को लागू करने का रास्ता अदालत ने भी साफ कर दिया है। दिल्ली सरकार योजना के प्रचार-प्रसार को लेकर हाईकोर्ट के दिए निर्देशों का पूरी ईमानदारी से पालन करेगी। उम्मीद है कि उपराज्यपाल पहले के निर्णय की समीक्षा करेंगे, ताकि हाईकोर्ट के आदेशों को लागू किया जा सके और दिल्ली के लोगों को राशन की डोर स्टेप डिलीवरी हो सके। उल्लेखनीय है कि इस योजना को लागू करने को लेकर विवाद चल रहा है।
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किसी भी समय योजना से निकल कर उचित मूल्य की दुकान जाकर राशन खरीदने का होगा विकल्प
दिल्ली सरकार का कहना है कि 27 सितंबर को हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई हुई थी, जिसमें दिल्ली सरकार के वकील ने मजबूती से सरकार का पक्ष रखा। परिणाम स्वरूप कोर्ट ने वकील की दलील पर गौर किया कि अधिकांश लाभार्थियों ने अपने घर पर राशन की आपूर्ति का विकल्प चुना है और दिल्ली सरकार लाभार्थियों को एक विकल्प भी देगी कि वे अगर चाहते हैं, तो इस योजना से बाहर भी निकल सकते हैं।

दिल्ली सरकार के वकील ने कोर्ट को बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली योजना के तहत जो लाभार्थी अपने घर पर राशन की डिलीवरी का विकल्प चुनेंगे, उनके पास इस योजना से बाहर निकलने और किसी भी समय अपने राशन को प्राप्त करने के लिए उचित मूल्य की दुकानों पर वापस जाने का विकल्प होगा। साथ ही, दिल्ली सरकार राशन की डोरस्टेप डिलीवरी योजना का प्रचार प्रसार भी करेगी।

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गेम चेजिंग योजना साबित होगी योजना

दिल्ली सरकार द्वारा तैयार की गई राशन की डोरस्टेप डिलीवरी योजना एक गेम-चेंजिंग योजना साबित होगी। सरकार का दावा है कि इस योजना की मदद से राशन माफिया सिंडिकेट द्वारा राशन की चोरी और गरीबों के उत्पीड़न को रोकने में मदद की मिलेगी। योजना से राशन कार्ड धारक को कई फायदे होंगे। यह योजना लागू होने के बाद कार्ड धारक को राशन दुकानों के खुलने का इंतजार नहीं करना होगा। लंबी कतार में नहीं लगना होगा।

डोर स्पेट डिलीवरी में राशन बंद पैकेट में घर पहुंचे, इससे गुणवत्ता में कमी या मिलावटी की संभावना नहीं होगी। कम राशन मिलने की संभावना नहीं होगी। राशन लेने के लिए किसी को सुविधा शुल्क देने की आवश्यकता नहीं होगी। गेहूं की जगह आटा मिलेगा, इससे गेहूं से आटा बनाने में आने वाली समस्या खत्म हो जाएगी। अंगुठे के निशान का मिलान कर होगी राशन की डिलीवरी। गरीबों के घर इज्जत के साथ राशन पहुंचाया जाएगा। 

डोर स्टेप डिलीवरी का सफर
. दिल्ली सरकार ने 2018 में राशन की डोरस्टेप डिलीवरी योजना को अधिसूचित किया। 
. 21 जुलाई 2020 को दिल्ली कैबिनेट में इसका प्रस्ताव रखा व मंजूरी दी। 
. 20 फरवरी 2021 को दिल्ली सरकार ने ‘मुख्यमंत्री घर-घर राशन’ योजना को अधिसूचित किया था। 
. 25 मार्च 2021 से ‘मुख्यमंत्री घर-घर राशन’ योजना को शुरू करने की पूरी तैयारी कर ली थी
. 19 मार्च 2021 को आपत्ति जताई गई। 
. 24 मार्च 2021 को योजना से ‘मुख्यमंत्री’ का नाम वापस लिया गया। 
. 24 मई 2021 को फिर से फाइल उपराज्यपाल को भेजा गया। 
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