दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने सोनीपत के गन्नौर में कैंसर की नकली दवा बनाने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने इस संबंध में एमबीबीएस डॉक्टर, इंजीनियर समेत कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। छानबीन के दौरान पता चला कि गिरोह भारत के अलावा चीन, नेपाल, बांग्लादेश समेत दूसरे देशों में कैंसर की नकली दवा सप्लाई करते थे। पिछले चार दिन से दिल्ली, गाजियाबाद, चंडीगढ़ और सोनीपत में छापे के बाद दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कई अन्यों की फिलहाल तलाश में छापे मारे जा रहे हैं।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान डॉ. पबित्रा नारायण प्रधान (34), शुभम मन्ना (29), पंकज सिंह बोहरा (27), अंकित शर्मा उर्फ अंकू उर्फ भज्जी (26), राम कुमार उर्फ हरबीर (43), एकांश वर्मा (27) और प्रभात कुमार (45) के रूप में हुई है। अपराध शाखा के विशेष आयुक्त रविंद्र सिंह यादव ने बताया कि आरोपी भारत, अमेरिका, इंग्लैंड, बांग्लादेश और श्रीलंका की सात बड़ी कंपनियों के 20 से अधिक ब्रांड की नकली दवा तैयार कर रहे थे। इनके पास से अब तक करीब आठ करोड़ रुपये से अधिक की दवा बरामद की है।
इसके अलावा दवा बनाने में इस्तेमाल होने वाली महंगी मशीनें, केमिकल के अलावा करोड़ों की प्रॉपर्टी भी इनके पास से मिली है। यादव ने कहा कि इसका मास्टर माइंड एमबीबीएस डॉक्टर पबित्रा नारायण प्रधान है। अपराध शाखा की टीम को डॉक्टर पबित्रा के दो सहयोगियों बांग्लादेश निवासी डॉक्टर रसैल और बिहार के डॉक्टर अनिल की तलाश है। पुलिस छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला है कि दोनों आरोपी चीन फरार हो गए हैं।
चीन, नेपाल और बांग्लादेश में भी करते थे सप्लाई
विशेष आयुक्त ने बताया कि पिछले दिनों सूचना मिली थी कि कैंसर की नकली दवाइयां बनाने वाला एक अंतरराष्ट्रीय गैंग सक्रिय है। गैंग भारत ही नहीं चीन, नेपाल, बांग्लादेश समेत दूसरे देशों में भी नकली दवा सप्लाई कर रहा है।
लोनी स्थित ट्रॉनिका सिटी में बनाया था गोदाम
जांच के दौरान टीम को पता चला कि गाजियाबाद के लोनी स्थित ट्रॉनिका सिटी में मास्टरमाइंड डॉ. पबित्रा नारायण और इसके ममेरे भाई शुभम मन्ना ने नकली दवा का गोदाम बना रखा था। इसकी देखरेख और दवाओं की सप्लाई के लिए इन्होंने अंकित शर्मा उर्फ अंकू उर्फ भज्जी और पंकज सिंह बोहरा को रखा हुआ है। डॉ. पबित्रा चौहान रेजिडेंसी, सेक्टर-45, नोएडा स्थित फ्लैट से इसका संचालन कर रहे थे।
जानकारी जुटाने के बाद टीम ने पहले दिल्ली के भैरों मंदिर रोड, प्रगति मैदान से स्कूटी सवार पंकज को दबोचा। इसके पास से भारी मात्रा में कैंसर की नकली दवाएं बरामद हुईं। बरामद दवाएं अमेरिका की नामी कंपनी की थीं। पंकज से पूछताछ के बाद टीम ट्रॉनिका सिटी स्थित गोदाम में पहुंची। वहां से भी टीम ने भारी मात्रा में दवाएं, पैकिंग का सामान, खाली डिब्बे, बिना नाम की दवाई, तारीख और बैच नंबर डालने की मशीन व अन्य सामान बरामद हुआ। इसके बाद एक अन्य टीम को तुरंत नोएडा सेक्टर-45 स्थित चौहान रेजिडेंसी भेजा गया। वहां से पुलिस ने मास्टर माइंड पबित्रा नारायण, इसके रिश्तेदार शुभम मन्ना और अंकित शर्मा को गिरफ्तार किया। इनके फ्लैट से भी भारी मात्रा में दवाएं बरामद हुई।
गन्नौर से 86500 खाली कैप्सूल व 14 महंगी मशीनें बरामद
मास्टरमाइंड पबित्रा से पूछताछ के बाद फौरन एक टीम को सोनीपत के गन्नौर स्थित बादशाही रोड पर मौजूद फैक्टरी में भेजा गया। वहां से पुलिस ने पबित्रा के कहने पर नकली दवाएं बनाने वाले फैक्टरी मालिक राम कुमार उर्फ हरबीर को गिरफ्तार कर लिया। इसके पास से दवाएं बनाने में इस्तेमाल होने वाला केमिकल व 86500 खाली कैप्सूल व 14 महंगी मशीनें बरामद हुई। इसके बाद एक अन्य टीम को चंडीगढ़ के मनी माजरा स्थित कंपनी भेजा गया। वहां से पुलिस ने एकांश वर्मा को गिरफ्तार किया। एकांश राम कुमार को खाली कैप्सूल उपलब्ध कराने के अलावा इंडिया मार्ट पर कैंसर की नकली दवाएं बेचता था। सातवें आरोपी प्रभात कुमार को पुलिस ने गाजियाबाद स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया। प्रभात का भागीरथ प्लैस में दवा का बड़ा कारोबार है।
आरोपियों के पास से यह हुआ बरामद...
- 6150 नामी कंपनियों के लेबल लगी बोतलें व पैकेट
- शुभम मन्ना के लॉकर से मिले 14.99 लाख रुपये
- नोएडा स्थित फ्लैट से 1.30 लाख रुपये मिले
- करोड़ों की मशीन और दवा बनाने का कच्चा माल
- 12 मोबाइल फोन और लैपटॉप
- वारदात में इस्तेमाल एक स्कूटी
- गुरुग्राम में करीब नौ करोड़ कीमत के दो प्लॉट