कोर्ट ने कहा कि इस मामले में एक विशेष समुदाय की लगभग सौ महिला पत्रकारों को निशाना बनाते हुए सार्वजिक मंचों पर उन्हें प्रताड़ित किया गया और उनका अपमान किया गया। उन्होंने कहा कि इससे निश्चित रूप से सांप्रदायिक सौहार्द पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा, जहां सदियों से महिलाओं को देवी का रूप माना जाता है।