दिल्ली कैंट के नांगल गांव में सामुहिक दुष्कर्म के बाद नौ साल की बच्ची की हत्या कर शव का अंतिम संस्कार करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मंगलवार को पीड़ित बच्ची के परिजनों से मिलने के लिए कई पार्टी के नेता वहां पहुंचे।
इसमें भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद और दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अनिल चौधरी प्रमुख रहे। लेकिन नेताओं को स्थानीय लोगों का विरोध का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने इसे राजनीतिक मंच बनाने पर आपत्ति जताई।
वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने नौ साल की बच्ची के साथ हैवानियत के बाद हत्या को बेहद शर्मनाक बताया है। मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर बताया कि दिल्ली में कानून व्यवस्था दुरुस्त किए जाने की जरुरत है। दोषियों को जल्द फांसी की सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह आज पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे हैं। न्याय की इस लड़ाई में परिवार की हर संभव मदद करने की बात कही है।
इससे पहले भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद ने मुलाकात के दौरान परिजनों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि देश की राजधानी में बच्ची सुरक्षित नहीं है, तो देश के अन्य हिस्सों में क्या हाल होगा यह आसानी से समझा जा सकता है। दिल्ली में महिला सुरक्षा के नाम पर बसों में मार्शल लगाया जाता है वहीं घर के बाहर बच्ची असुरक्षित है।