पहले करवाए 76 हजार रुपये ट्रांसफर
आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने शिकायतकर्ता को दस्तावेज सत्यापन, वीजा अनुमोदन सहित कई मदों में उससे 76 हजार रुपये ट्रांसर्फर करवा लिए। शिकायत पर निरीक्षक अजय दलाल और एसआई मनीष कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के नंबर और बैंक खाते की जांच की, जिसमें पता चला कि ठगी गई राशि को विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया है। गहन जांच के बाद पुलिस कुछ संदिग्धों की पहचान की।
तकनीकी जांच में पता चला ठिकाना
तकनीकी जांच में पता चला कि आरोपी बरेली की आशुतोष कॉलोनी से काम कर रहे हैं। उसके बाद पुलिस टीम ने बरेली में छापेमारी की और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि वह पिछले छह माह से यहीं रह रहे थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने यूट्यूब से जालसाजी सीखी। वह नामी विदेशी कंपनियों में नौकरी दिलाने के बहाने बेरोजगारों से ठगी करते थे। वह फर्जी सिम कार्ड बिहार से मंगवाते थे। लोगों में विश्वास पैदा करने के लिए कई फर्जी वेबसाइट भी बनाई।
आरोपियों ने बताया कि वे यूपीआई के जरिए अलग-अलग बैंक खातों में पैसे मंगवाते थे और फिर उसे कई बैंक खातों में ट्रांसफर करते थे। बाद में डेबिट कार्ड से पैसे निकाल लेते थे। जांच में पता चला कि गिरोह की सरगना सोनम कुमारी है। वह फर्जी नियुक्ति पत्र बनाती थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ कर धंधे में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। गिरफ्तार तीनों आरोपी स्नातक तक पढ़े हैं।