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दिल्ली कैंट दुष्कर्म मामला : पीड़िता के माता-पिता ने फोटो सोशल मीडिया में साझा करने की मंजूरी दी

Tue, 04 Jan 2022 11:53 PM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

उच्च न्यायालय के समक्ष ट्विटर ने यह जवाब उस याचिका पर दिया है जिसमें राहुल गांधी के खिलाफ कथित रूप से संवेदनशील जानकारी का खुलासा करने और नाबालिग पीड़िता की तस्वीरें प्रकाशित करने के लिए कार्रवाई की मांग की गई है।
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ट्विटर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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ट्विटर ने उच्च न्यायालय को बताया कि दिल्ली कैंट इलाके में कथित रूप से नौ वर्षीय नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले में पीड़िता के माता-पिता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ अपनी फोटो साझा करने की मंजूरी दे दी है।

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उच्च न्यायालय के समक्ष ट्विटर ने यह जवाब उस याचिका पर दिया है जिसमें राहुल गांधी के खिलाफ कथित रूप से संवेदनशील जानकारी का खुलासा करने और नाबालिग पीड़िता की तस्वीरें प्रकाशित करने के लिए कार्रवाई की मांग की गई है।

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने पिछले साल अगस्त में एक पत्र जारी कर ट्विटर से किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 74 और धारा 23 के उल्लंघन के लिए ट्वीट को हटाने के लिए कहा था।
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13 अगस्त 21 को आयोग को ट्विटर ने ईमेल में बताया था कि हमें अब इस बात की पुष्टि मिली है कि नाबालिग बच्चे के माता-पिता ने ट्विटर पर छवि साझा करने की मंजूरी दे दी है।

हालांकि हम आपके कानूनी अनुरोध के जवाब में लागू स्थानीय कानून (कानूनों) के हमारे आकलन के तहत भारत में रिपोर्ट की गई सामग्री को रोक रहे हैं। हम स्वीकार करते हैं कि पीड़ित के माता-पिता के संदर्भ सहित ऐसी जानकारी के प्रकटीकरण की अनुमति नहीं है। ट्विटर ने कहा इसके बाद राहुल गांधी के खाते को बहाल कर दिया गया था, जबकि रिपोर्ट की गई सामग्री को रोक दिया गया है।

दायर याचिका में निपुण सक्सेना बनाम केंद्र सरकार मामले का हवाला देते हुए तर्क रखा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दुष्कर्म पीड़िता या बच्चे की व्यक्तिगत जानकारी और विवरण का खुलासा मीडिया में नहीं किया जा सकता। याची ने कहा राहुल गांधी का ट्वीट तय कानून का उल्लंघन है। ऐसा करने पर पोक्सो अधिनियम की धारा 23 के तहत न्यूनतम छह महीने और अधिकतम एक साल के कारावास की सजा का प्रावधान है।

याची ने कहा राहुल गांधी का उपरोक्त कृत्य पीड़िता के माता-पिता की तस्वीर ट्विटर पर पोस्ट कर दुर्भाग्यपूर्ण घटना से राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास है। याची ने कहा दुष्कर्म, विशेष रूप से एक नाबालिग लड़की के साथ, बच्चों के खिलाफ किए गए सबसे बड़े अपराधों में से एक है। इस तरह के अपराधों का बाहरी दुनिया के सामने खुलासा केवल पीड़ित के परिवार और खुद पीड़िता की पीड़ा को बढ़ाता है। ऐसा करके राहुल गांधी ने पीड़ित के परिवार के सदस्यों के जीवन को उच्च जोखिम में डाल दिया है।

याचिका में राहुल गांधी के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने के लिए राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) को निर्देश देने की भी मांग की है। इसके अलावा उनके खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज करने की मांग की गई है।

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