एक्सपो में पहुंचे निवेशकों ने कहा कि स्कूली बच्चों के बिजनेस आइडियाज काफी अनूठे है। अपनी मेहनत और आत्मविश्वास से बच्चे भविष्य में शानदार कम्पनियां स्थापित कर अर्थव्यवस्था में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे। इस मौके पर सिकोइया कैपिटल के एमडी राजन आनंदन ने कहा बिजनेस ब्लास्टर्स एक्सपो में सरकारी स्कूलों के बच्चों के स्टार्ट-अप्स और उनमें आत्मविश्वास देखकर यकीन है कि ये प्रोग्राम भविष्य में भारत में 10 करोड़ नौकरियां पैदा करेगा।
मुंबई से आई सुता की फाउंडर तानिया और सुजाता ने कहा कि एक्सपो में छात्रों द्वारा प्रस्तुत किए गए आइडियाज अविश्वसनीय हैं। हमने कुछ बिजनेस आइडियाज को शॉर्टलिस्ट किया है और जल्द ही इन टीमों के साथ जुड़ेंगे। यह पैकेंजिंग और मार्केटिंग केक्षेत्र में बच्चों की टीमों को मेंटरशिप भी देंगे। लंदन बेस्ड कंपनी साउथ एशिया इनसाइट डिवीजन के सीईओ प्रीती रेड्डी ने कहा कि बच्चों के पेंटिंग से जुड़े कुछ व्यवसायों ने मेरा ध्यान खींचा। मैं उनमें से एक में निवेश करना चाहती हूं।
छोटे स्टार्स अपने बड़े बिजनेस आइडियाज के साथ
कालकाजी स्थित स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की लेट्स 3डी टीम ने कस्टमाइज प्रिंटेड 3डी की-चेन, लैम्प्स, मिनिएचर तैयार किए हैं। बच्चों के इस स्टार्टअप को 100 से अधिक आर्डर मिल चुके हैं। टीम लीडर आदित्य मौर्या ने बताया कि टीम अभी बहुत से आर्किटेक्ट फ़र्म के साथ बात करने का प्रयास कर रही है जिन्हे वो बिल्डिंग्स के 3डी मॉडल प्रोवाइड करेगी।
पांच हजार की कस्टमाइज ई-साइकिल
नेताजी नगर स्थित सर्वोदय बाल विद्यालय की एक्सपो में शामिल टीम ग्रोथ ने दिव्यांग बच्चों के लिए मात्र 5 हजार रूपये एक कस्टमाइज ई-साइकिल बनाई है जिसकी बैटरी साइकिल के चलने के साथ-साथ उसमें लगे डाइनमो के साथ चार्ज होती है। टीम का कहना है कि इस साइकिल से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाना चाहते हैं जिससे कि उन्हें यह लगे कि वह भी दूसरे बच्चों की तरह साइकिल चला सकते हैं। उन्होंने बताया कि एक्पो में उन्हें एक निवेशक से 50 साइकिल तैयार करने के लिए तीन लाख रूपये का निवेश प्राप्त हुआ है।
अल्कोहल डिटेक्टर सड़क हादसों को रोकने में मददगार होगा
द्वारका स्थित सर्वोदय बाल विद्यालय द्वारका सेक्टर-1 से आई टीम ने एक अल्कोहल डिटेक्टर डिवाइस बनाया है जो कार व अन्य गाड़ियों के स्टेयरिंग व्हील के साथ जुड़ा होता है। चालक के नशे में होने पर ये डिवाइस गाडी के इंजन को बंद कर देता है। ये डिवाइस गंभीर सड़क हादसों को रोकने में मददगार साबित हो सकती है।