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दिल्ली : गाजीपुर बॉर्डर खाली, वाहनों की आवाजाही आज से, सिंघु सीमा की तीन लेन चालू

Thu, 16 Dec 2021 04:59 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए सिंघु बॉर्डर की दोनो कैरिज-वे की तीन लेन खोल दी गई है। बची पांच लेन की मरम्मत का काम अभी चल रहा है। काम पूरा होने के बाद इनको भी खोल दिया जाएगा। सभी लेन खुलने के बाद भारी वाहनों की आवाजाही भी हो सकेगी। 
 
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किसानों के साथ घर लौटते राकेश टिकैत... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी गेट पर एक साल 17 दिन से डटे किसानों ने बुधवार सुबह हवन-पूजन के बाद फतेह मार्च के साथ अपने घरों को रवाना हो गए। पुलिस के मुताबिक मरम्मत व मलबा हटाने के बृहस्पतिवार से गाजीपुर सीमा सभी वाहनों के लिए खोल दी जाएगी। 

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दूसरी ओर, किसान आंदोलन खत्म होने के बाद छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए सिंघु बॉर्डर की दोनो कैरिज-वे की तीन लेन खोल दी गई है। बची पांच लेन की मरम्मत का काम अभी चल रहा है। काम पूरा होने के बाद इनको भी खोल दिया जाएगा। सभी लेन खुलने के बाद भारी वाहनों की आवाजाही भी हो सकेगी। 

फतेह मार्च निकाल यूपी गेट से घर रवाना हुए किसान
गाजीपुर बॉर्डर पर दो घंटे तक किसानों ने जमकर जीत का जश्न मनाया, फूलों की वर्षा के बीच लोक व देशभक्ति गीतों पर किसान खूब झूमे। काफिले में सबसे आगे राकेश टिकैत तिरंगा व भाकियू का झंडा लहराकर लोगों का अभिवादन करते हुए निकले। जाते- जाते टिकैत ने कहा कि 13 महीने के संघर्ष के बाद किसानों का सम्मान लौटा है। जो नौजवान, अन्नदाता दबा हुआ था, उसे अपनी बात कहने की आजादी मिली है। अभी आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। भारत सरकार से समझौते के आधार पर आंदोलन स्थगित हुआ है।   
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यूपी गेट पर बुधवार सुबह का नजारा किसी खत्म हो रहे मेले की तरह था। किसान अपने सामान की गठरी बांध रहे थे। कोई नाच रहा था कोई गा रहा था। सुबह नौ बजे तक किसानों को विदा करने और जीत के जश्न में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुट गए थे। जगह-जगह किसानों की गाड़ियों पर भाकियू का झंडा और तिरंगे लहरा रहे थे। राकेश टिकैत करीब दस बजे यूपी गेट पहुंचे तो उनके पीछे भीड़ उमड़ पड़ी। उनके साथ विदाई की सेल्फी लेने की मार पड़ गई। किसान एकता जिंदाबाद के नारे से यूपी गेट गूंजने लगा। अंतिम दिन कई किसानों के चेहरे पर घर लौटने की खुशी थी तो एक दूसरे से बिछुड़ने का गम भी झलक रहा था। महिलाएं एक-दूसरे के गले भावुक हो रही थीं।

आंदोलन स्थगित हुआ खत्म नहीं : राकेश टिकैत 
भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि 13 महीने बाद किसान घर लौट रहा है। उन्होंने कहा कि तीन कानून वापस हुए हैं, भारत सरकार से समझौते के आधार पर बातचीत हुई है। उसी पर आंदोलन खत्म नहीं, बल्कि अभी स्थगित हुआ। एमएसपी पर कहा कि इस मुद्दे पर देश में एक बहस शुरू हो गई है। किसानों की यूपी मिशन पर कहा कि जिस दिन आचार संहिता लग जाएगी, फिर सरकारों को बताया जाएगा। अभी उनके पास दो महीने का समय है। टिकैत ने बिजली के रेट पर भी प्रदेश सरकार को घेरा।

कहा कि हरियाणा में बिजली के रेट 35 रुपये हॉर्स पावर है मगर यूपी में 175 रुपये हॉर्स पावर से बिल लिया जाता है। लखीमपुर की घटना में एसआईटी की रिपोर्ट को सही बताते हुए कहा कि किसानों की एसआईटी ने पहले ही बता दिया कि यह पूर्व नियोजित साजिश थी। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय टेनी और उनके लड़के पर सरकार कार्रवाई करें। उन्होंने किसानों की आय दोगुना होने के मुद्दे को जनवरी में उठाने के संकेत दिए। उन्होंने प्रशासन, पुलिस और नगर निगम सफाई कर्मचारियों का धन्यवाद किया।

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