बिहार के तीन परिवारों को दिल्ली पुलिस ने दीपावली पर अनमोल तोहफा दिया। माता-पिता से नाराज होकर दिल्ली आईं तीन नाबालिग छात्राओं को पुलिस ने उनके परिजनों से मिलवा दिया। यह सब गांधी नगर थाने में तैनात एएसआई सुबोध कुमार की सूझबूझ से संभव हो सका। सुबोध ने किशोरियों को संदिग्ध हालात में घूमता देखकर मामले की सूचना अधिकारियों को दी, जिसके बाद थाने लाकर तीनों लड़कियों की काउंसलिंग करवाई गई। बाद में बिहार पुलिस को सूचना दे दी गई।
परिजनों के साथ बिहार पुलिस दिल्ली पहुंची। दिल्ली पुलिस ने छात्राओं को परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। तीनों छात्राएं किशनगंज के ठाकुरगंज की रहने वाली हैं। सुबोध की सूझबूझ के लिए अतिरिक्त आयुक्त विक्रमजीत सिंह ने उन्हें सम्मानित किया है।
शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त आर. सत्यसुंदरम ने बताया कि शुक्रवार शाम गांधी नगर थाने में तैनात एएसआई सुबोध कुमार मदर डेयरी, गांधी नगर एरिया में पिकेट ड्यूटी पर थे। इस बीच महावीर पार्क के पास उन्होंने तीन लड़कियों को संदिग्ध हालात में घूमते देखा। फौरन सुबोध ने तीनों को रोक लिया। बातचीत के बाद मामला संदिग्ध लगने पर फौरन थाने के स्टाफ को खबर दी गई।
एक एसआई व महिला स्टाफ मौके पर पहुंच गया। 14, 15 और 17 साल की तीनों किशोरियों को थाने लाया गया। तीनों ही किशनगंज के ठाकुरगंज की रहने वाली हैं। तीनों नौवीं कक्षा में एक ही क्लास में पढ़ती हैं। उन्होंने बताया कि छोटी-छोटी बातों पर उनके माता-पिता डांटते थे इसलिए उन्होंने घर छोड़ दिया। वह ट्रेन से दिल्ली आ गईं। गांधी नगर थाना पुलिस ने फौरन बिहार पुलिस को सूचना दी। बृहस्पतिवार को थाना ठाकुरगंज में तीनों के अपहरण की एफआईआर दर्ज की थी।
मेडिकल के बाद वन स्टॉप सेंटर भेजा
गांधी नगर थाना पुलिस ने तीनों का मेडिकल करवाया, बाद में उनको कल्याणपुरी स्थित वन स्टाॅप सेंटर में भेज दिया। शनिवार को बिहार पुलिस की टीम दिल्ली पहुंची। पुलिस अब इन लड़कियों को परिजनों को सौंपने के लिए औपचारिकताएं में जुटी थी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना था कि सुुबोध की सूझबूझ से लड़कियां किसी गलत हाथों में जाने से बच गईं।