केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, एनसीआर के दूसरे शहरों की हवा भी ज्यादा बेहतर नहीं रही। इन शहरों की हवाएं बेहद खराब के उच्चतम स्तर में रहीं। गाजियाबाद का सूचकांक 368 रिकॉर्ड किया गया। जबकि ग्रेटर नोएडा का 352 व गुरूग्राम का 362 पर रहा। नोएडा की हवा की गुणवत्ता का सूचकांक 381 रिकार्ड किया गया। आईआईटीएम का पूर्वानुमान है कि सोमवार से हवा की चाल तेज होने से प्रदूषण स्तर में गिरावट आने की उम्मीद है।
शनिवार को पराली के धुएं का हिस्सा भी रहा कम
उधर, सफर का कहना है कि शनिवार के प्रदूषण में पराली के धुएं का हिस्सा कम रहा। पड़ोसी राज्यों में करीब 150 मामले दर्ज किए गए। वहीं, हवाओं की दिशा पूर्वी होने से पराली के धुएं से निकले पीएम2.5 का हिस्सा 6 फीसदी रहा। इससे हालात बेकाबू नहीं हुए।
सोमवार से सुधरेगी दिल्ली-एनसीआर की हवाएं
आईआईटीएम के मुताबिक, रविवार को हवा की चाल 4 किमी प्रति घंटा होने के साथ इसकी दिशा उत्तर पश्चिमी हो जाएगी। वेंटिलेशन इंडेक्स व मिक्सिंग हाइट में भी कोई बदलाव नहीं आएगी। इससे हवा की गुणवत्ता बेहद खराब व गंभीर स्तर की सीमा पर रहेगी। सोमवार से हवा की चाल 10-12 किमी के बीच रहने का अनुमान है। इस दौरान आसमान में हल्के बादल छाए रहेंगे। इससे प्रदूषण स्तर में कमी दर्ज की जा सकती है।
दिल्ली में ट्रकों के प्रवेश पर रोक 30 तक बढ़ी
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए ट्रकों के दिल्ली में प्रवेश पर लगी रोक को 30 नवंबर तक बढ़ा दिया गया है। दिल्ली सरकार के पर्यावरण एवं वन विभाग ने शनिवार को इस संबंध में आदेश जारी किया है। इस दौरान सिर्फ आवश्यक वस्तुओं वाले ट्रकों को ही प्रवेश करने दिया जाएगा। इसके अलावा गैर आवश्यक सामान वाले इलेक्ट्रिक या सीएनजी चालित ट्रकों को भी दिल्ली में घुसने की छूट होगी। दिल्ली सरकार ने 28 नवंबर तक वायु गुणवत्ता सूचकांक बहुत खराब श्रेणी में रहने के पूर्वानुमान के बाद यह फैसला लिया है।