अफ्रीकी नागरिकों ने 26 सितंबर की देर रात मोहन गार्डन थाने पर क्यों बवाल किया इसके बारे में पुलिस कुछ भी कहने से बच रही है। हालांकि बताया जा रहा है कि अफ्रीकी नागरिकों का आरोप है कि पुलिस की पिटाई से युवक की मौत हुई थी। जिससे नाराज अफ्रीकी नागरिकों ने थाने पर बवाल किया। पुलिस अधिकारी युवक की पिटाई करने से इंकार कर रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि शक के आधार पर पुलिस युवक से पूछताछ करने गई थी। पुलिस को देखकर युवक भागने लगा और इस दौरान गिरने से उसे गंभीर चोट लगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवक के शव का डॉक्टरों के बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही उसकी मौत के कारणों का खुलासा हो पाएगा। इस मामले में पुलिस ने 53 अफ्रीकी नागरिकों को गिरफ्तार किया है।
26 सितंबर की रात मोहन गार्डन इलाके में एक अफ्रीकी नागरिक की मौत से गुस्साए अफ्रीकी नागरिकों ने मोहन गार्डन थाने पर हमला कर दिया। लाठी, डंडे, रॉड और ईंट पत्थर लेकर पहुंचे सैकड़ों अफ्रीकी नागरिकों ने थाने पर हमला कर दिया और पुलिस कर्मियों की पिटाई करने के साथ साथ वहां खड़ी गाडिय़ों के शीशे तोड़ दिए। हालात बेकाबू होता देख पुलिसकर्मियों ने हवा में तीन राउंड गोली चलाई। गोली चलने के बाद सभी अफ्रीकी नागरिक वहां से भागने लगे। जिसमें से आठ को पुलिस ने दबोच लिया। बाद में पुलिस ने फरार हुए नागरिकों की पहचान कर 53 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
लेकिन अफ्रीकी नागरिकों ने थाने पर हमला क्यों किया, इस बात को लेकर पुलिस ने चुप्पी साध रखी है। घटना की शुरूआत तब हुई जब अफ्रीकी नागरिकों ने एक युवक को अचेत अवस्था में अस्पताल लेकर गई। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। अफ्रीकी नागरिकों ने पुलिस पर युवक के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया। वहीं पुलिस का कहना है कि युवक के शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं हैं। शक के आधार पर पुलिस युवक के पास गई थी।
पुलिस को देखते ही युवक भागने लगा और वह गिर गया। आशंका है कि सिर में गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुलिस लगातार अवैध रूप से रह रहे अफ्रीकी नागरिकों की जांच करती है। अभी तक युवक के शव का पोस्टमार्टम नहीं किया गया है। शव डीडीयू अस्पताल की मोर्चरी में रखा हुआ है। संभावना है कि पैनल गठित कर शव का पोस्टमार्टम किया जाए।
पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना
तिलक नगर इलाके में इसी साल मार्च माह में ऐसी घटना हो चुकी है। पुलिस टीम को देखने के बाद भाग रहे एक अफ्रीकी नागरिक की गिरकर मौत हो गई थी। अफ्रीकी नागरिकों ने पुलिस पर पैसे नहीं देने पर मारपीट करने का आरोप लगाया था। मौत से गुस्साए अफ्रीकी नागरिकों ने करीब चार घंटे तक बाहरी रिंग रोड पर सड़क जाम कर दिया था और बसों में तोड़फोड़ कर दी थी। कई थानों की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें शांत करवाया था।