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Delhi: आप विधायक के खिलाफ उच्च न्यायालय जाएगी एसीबी, स्पीकर ने नहीं दी थी मुकदमा चलाने की मंजूरी

Tue, 10 Jan 2023 11:01 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली

सार

बग्गा को पार्टी कार्यकर्ता से रिश्वत के तौर पर पांच लाख रुपये की मांग करते हुए सुना जा सकता है। इसकी कॉल रिकॉर्डिंग मुख्यमंत्री को 6 नवंबर, 2015 में सौंप दी गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई।
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आम आदमी पार्टी - फोटो : Social media
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विस्तार
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भ्रष्टाचार के मामले में दिल्ली विधानसभा के स्पीकर की तरफ से आम आदमी पार्टी के विधायक एसके बग्गा के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति को खारिज करने पर दिल्ली की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख करेगी। बग्गा पूर्वी दिल्ली के कृष्णा नगर से विधायक हैं। उनपर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता राजू सचदेवा से रिश्वत मांगने के कई बार आरोप लगाए थे। कॉल रिकॉर्ड में इसके पुख्ता सबूत होने के बावजूद कार्रवाई नहीं करने के आरोप लगाए गए हैं। एलजी ने दिल्ली उच्च न्यायालय में इस मामले की अपील ले जाने की अनुमति प्रदान कर दी है।

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सूत्रों का कहना है कि रिकॉर्डिंग में बग्गा को पार्टी कार्यकर्ता से रिश्वत के तौर पर पांच लाख रुपये की मांग करते हुए सुना जा सकता है। इसकी कॉल रिकॉर्डिंग मुख्यमंत्री को 6 नवंबर, 2015 में सौंप दी गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि जब एसीबी ने विधानसभा स्पीकर रामनिवास गोयल से बग्गा के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी तो कारण बताते हुए इससे इंकार कर दिया। फॉरेंसिक साइंस लैब(एफएसएल) की ओर से सत्यापित सबूतों के बावजूद बग्गा को जानबूझकर छोड़ देने के आरोप लगे। इसे पक्षपातपूर्ण रवैया करार देते हुए राजू सचदेवा ने नौ नवंबर, 2015 को शिकायत की। 

आरोप है कि बग्गा ने 11,000, 21,000 रुपये और कई बार 25,000 रुपये लिए और 2017 के एमसीडी चुनाव में आम आदमी पार्टी से टिकट दिलवाने का वादा किया। आरोप लगाए गए कि बग्गा ने इसके बाद दो लाख रुपये और फिर एक लाख रुपये की मांग की। सचदेवा ने जब राशि अदा करने से मना किया तो बग्गा ने कहा अगर ऐसी खराब वित्तीय स्थिति है तो आप चुनाव कैसे लड़ सकते हैं। फिर सात, नवंबर 2015 को गोविंदपुरी स्थित न्यू गांधी पार्क में दीपावली कार्यक्रम के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री को बतौर मुख्य अतिथि शामिल करने और इस दौरान मुलाकात करवाने का भरोसा दिया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बग्गा ने इसके लिए 5 लाख रुपये की मांग की। रुपये नहीं देने पर बग्गा ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल करने से इंकार कर दिया।

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