फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली : आप विधायक सहित छह आरोपी आत्महत्या के लिए उकसाने व षड्यंत्र के मामले में बरी

Fri, 01 Oct 2021 06:25 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

एक के खिलाफ अभियोग तय, एक की हो चुकी है सुनवाई के दौरान मौत। 2016 में महिला आत्महत्या के लिए उकसाने का था आरोप।
विज्ञापन
demo pic - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक शरद चौहान और पांच अन्य को पार्टी की एक कार्यकर्ता को 2016 में आत्महत्या के लिए उकसाने व षडयंत्र के मामले में बृहस्पतिवार को आरोप मुक्त कर दिया गया। वहीं अदालत ने चौहान के एक सहयोगी रमेश भारद्वाज के खिलाफ आरोप तय करने का निर्देश देते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त मात्रा में प्रथम दृष्टया साक्ष्य हैं। इस मामले में एक आरोपी की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी।

विज्ञापन


विशेष न्यायाधीश एम.के. नागपाल ने कहा कि भारद्वाज मृतका द्वारा दर्ज कराये गये यौन उत्पीड़न के एक मामले में भी आरोपी है। शिकायत के मुताबिक मुख्य आरोपी भारद्वाज, चौहान का करीबी सहयोगी था और इसलिए उक्त नेता ने यौन उत्पीड़न के मामले में हमेशा ही उसे बचाया और उसे शरण दी।

अदालत ने कहा इस बारे में प्रथम दृष्टया कोई साक्ष्य नहीं है जो यह प्रदर्शित करता हो कि महिला को आत्महत्या के लिए उकसाने को लेकर भारद्वाज और अन्य सभी आरोपियों के बीच कोई आपराधिक साजिश रची गई थी। अदालत ने कहा अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयानों व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी बनए गए विधायक शरद चौहान मोहन लाल वर्मा, संजय, अमित भारद्वाज, रजनीकांत और मुख्तियार सिंह के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए कोई साक्ष्य नहीं है। वहीं मामले में एक आरोपी विरेंद्र मान की मौत हो चुकी है।
विज्ञापन


अभियोजन के मुताबिक महिला ने उत्तर-पश्चिम दिल्ली के नरेला स्थित अपने घर में जहर खा लिया था और लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।

अदालत ने अपने 75 पृष्ठों के फैसले में कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा कोई साक्ष्य सामने नहीं आया जिससे साबित हो कि मृतक को आत्महत्या के लिए उकसाने के लिए आरोपी रमेश भारद्वाज के साथ अन्य आरोपी षडयंत्र में शामिल थे। अदालत ने माना कि आरोपी रमेश भारद्वाज के खिलाफ मृतक को आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य है। दस्तावेजों और सामग्री से जाहिर होता है कि उसने मृतक को आत्महत्या के लिए उकसाया। ऐसे में उसके खिलाफ मुकदमा शुरु करने की प्रक्रिया शुरु की जाए। 

विधायक और अन्य आरोपियों की और से पेश अधिवक्ता प्रदीप राणा व प्रदीप खत्री ने अपने तर्क में कहा कि उनके मुवक्किल को फर्जी मामले में राजनीतिक द्वेष के चलते फंसाया जा रहा है।

मृतका आप की एक सक्रिय महिला सदस्य थी औ वह पति से अलग नरेला में अपनी दो छोटी-छोटी बच्चियों के साथ रहती थी और एक ब्यूटी पार्लर चलाती थी। मृतक ने रमेश भारद्वाज पर यौन शोषण का भी मामला दर्ज करवाया गया है।

नरेला पुलिस ने यह मामला 20 जुलाई 2016 में आप के ही एक सदस्य अजय की शिकायत के आधार पर यह दर्ज किया था। उसने कहा कि मृतक ने जहरीला पदार्थ खाने के बाद उसे फोन कर यह कहा था कि एक फ्लैट और पैसों के लिए जबरन वसूली के झूठे आरोपों से वह तंग आ गई है और वह जानती है कि उसे न्याय नहीं मिलेगा और वह तंग आकर आत्महत्या कर रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें