गोपाल राय ने कहा कि जब से अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने काम करना शुरू किया था, उस समय गृह मंत्रालय की तरफ से एक आदेश जारी किया गया और दिल्ली सरकार के काम की रफ्तार को ठप करने के लिए सारी शक्तियां उपराज्यपाल को दे दी गई।
दिल्ली सरकार की सभी फाइलें एलजी के जरिए केंद्र सरकार ने एलजी हाउस में मंगा कर स्टोर करा लिया। इस पर शुंगलू कमिटी बनाई गई। लंबे समय तक फाइलों पर बैठकर काम को ठप किया गया। दिल्ली के अंदर मोहल्ला क्लीनिक बनाने के प्रस्ताव पर कई साल तक देर किया गया, सीसीटीवी कैमरा की फाइल को लेकर उपराज्यपाल हाउस बैठ गया। इसके लिए मुख्यमंत्री समेत उनके चार मंत्रियों को राजनिवास में बैठना पड़ा था।
गोपाल राय के मुताबिक, जिस तरह से केंद्र सरकार अलोकतांत्रिक तरीके से दिल्ली को नियंत्रित करने की तरफ बढ़ रही है, आप उसके खिलाफ सड़क पर भी इसके खिलाफ आंदोलन चलाएगी। बुधवार दोपहर दो बजे से जंतर-मंतर पर आप कार्यकर्ता, पार्षद, विधायक, मंत्री और सांसद सभी इस विरोध-प्रदर्शन में शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी इस प्रदर्शन का हिस्सा बनेंगे। इससे इस लोकतंत्र विरोधी केंद्र सरकार के समक्ष जनता की आवाज को, जनता की चुनी हुई दिल्ली सरकार को अप्रत्यक्ष तौर पर खत्म करके निष्क्रिय करने की जो कोशिश की जा रही है, उसके खिलाफ लड़ाई को आगे बढ़ाया जा सके।