उसने बताया कि वह 10 लाख रुपये लेकर जा रहा था। इसी दौरान बाइक सवार तीन बदमाशों ने उसे रोका और गोली मारने की धमकी देकर बैग लेकर भाग गए। जांच में पता चला कि सुरेंद्र अपने भांजे भास्कर के पैसे लेकर हर्ष विहार जा रहा था। भास्कर का हर्ष विहार में विद्यूत सामग्री बनाने का प्लांट है। उसने अपने मामा को सेक्टर 15 रोहिणी से पैसे लेकर आने के लिए कहा था।
सीसीटीवी कैमरे खंगाले, मुखबिरों को किया एक्टिव
भलस्वा डेयरी थाना पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने भास्कर से पूछताछ कर यह जानने की कोशिश की कि उसको किसी पर शक तो नहीं है। उसके बाद पुलिस ने आस पास के इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच और फोन के डाटा की जांच की। साथ ही पुलिस ने मुखबिर को भी सक्रिय किया।
सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर के जरिए पुलिस ने बदमाशों की पहचान कर ली। शुक्रवार को पुलिस ने छापा मारकर जहांगीरपुरी निवासी पवन, अमरदीप और शिव को गिरफ्तार कर लिया। पवन पर शस्त्र अधिनियम जबकि अमरदीप पर चोरी, झपटमारी और डकैती का मामला दर्ज है। पवन स्विगी डिलीवरी बॉय का काम करता है। वहीं अमरदीप कैब चालक और शिव इको वैन का ड्राइवर है।
मनाली घूमने जा रहे थे, शक हुआ तो बदली योजना
पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि रोहिणी सेक्टर 15 स्थित कार्यालय में रोजाना बड़ी मात्रा में नकदी का लेन-देन होता है। बदमाशों ने उस कार्यालय की रेकी की और 15 फरवरी को मौका मिलते ही वारदात को अंजाम दे दिया। रुपये लूटने के बाद सभी बदमाशों ने मॉल से कपड़े और जूते खरीदे। फिर सभी मनाली जाने की योजना बनाई। लेकिन जब उन्हें पता चला कि पुलिस को उनका सुराग मिल गया है तब उन्होंने अपनी योजना बदल दी।