पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार फेज-3 में शनिवार सुबह सीआरपीएफ के जवान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की शिनाख्त शाजी (52) के रूप में हुई है। पुलिस को मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। शाजी सीआरपीएफ में हवलदार (ड्राइवर) के पद पर तैनात था। परिजनों का कहना है कि झारखंड में ट्रांसफर ऑर्डर के बाद से शाजी डिप्रेशन का शिकार हो गए थे। आशंका व्यक्त की जा रही है कि इसी वजह से शाजी ने मौत को गले लगाया। गाजीपुर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक शाजी अपने परिवार के साथ मयूर विहार फेज-3 में रहते थे। वह सीआरपीएफ में हवलदार के पद पर तैनात थे। फिलहाल उनकी तैनाती सीजीओ कॉम्पलेक्स में थी। शनिवार तड़के वह घर से टहलने की बात कर निकल गए। इस बीच सुबह के समय लोगों ने उनको मयूर विहार के ही स्मृति वन पार्क में पेड़ से लटके देखा। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने औपचारिकताओं के बाद शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी भेजा।
शाजी के बेटे ने पिता के डिप्रेशन की बात पुलिस को बताई। शाजी के शरीर पर किसी भी तरके चोट के निशान नहीं मिले हैं। पुलिस परिजनों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। पुलिस को उसके शरीर पर किसी भी तरह के चोट के निशान नहीं मिले हैं।