द्वारका जिले की स्पेशल स्टाफ ने गैंगस्टरों को हथियार सप्लाई करने वाले एक घोषित बदमाश को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। रूकने का इशारा करने पर बदमाश ने पुलिस टीम पर गोली चला दी। जवाबी फायरिंग में बदमाश के घुटने पर गोली लगी और वह घायल हो गया। पुलिस उसे इलाज के लिए पास के अस्पताल में भर्ती कराया। बदमाश के कब्जे से पुलिस ने छह पिस्टल, 104 कारतूस, एक मोबाइल फोन और एक हुंडई आई 10 कार बरामद की है। पूछताछ में बदमाश ने बताया कि वह हथियार की खेप को मेरठ से लाया था।
जिला पुलिस उपायुक्त शंकर चौधरी ने बताया कि गिरफ्तार बदमाश की पहचान बिंदापुर निवासी दीपक(23) के रूप में हुई है। वह बिंदापुर थाने का घोषित बदमाश है। उसपर लूटपाट के कई मामले दर्ज हैं। हाल के दिनों में द्वारका, डाबड़ी, बिंदापुर और उत्तम नगर इलाके में फायरिंग की घटना को देखते हुए स्पेशल स्टाफ ने बदमाशों को हथियार मुहैया करने वालों पर निगरानी बढ़ाई। जांच के दौरान पता चला कि बिंदापुर थाने का घोषित बदमाश दीपक सद्दाम उर्फ गौरी और विक्की उर्फ टक्कर गैंग के बदमाशों को हथियार सप्लाई करता है। निरीक्षक नवीन कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दीपक पर निगरानी बढ़ाई। 4 अक्तूबर तड़के पुलिस को दीपक के द्वारका सेक्टर 18 के पास आने की जानकारी मिली। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आई 10 कार से आए बदमाश को रूकने के लिए कहा। बदमाश कार से उतरकर पुलिस टीम पर गोली चलाते हुए भागने लगा। पुलिस टीम ने जवाबी फायरिंग की। जिसमें एक गोली बदमाश के घुंटने पर लगी। बाद में पुलिस ने उसे दबोच लिया।
पूछताछ में दीपक ने बताया कि वह सद्दाम उर्फ गौरी और विक्की उर्फ टक्कर गैंग को हथियार सप्लाई करता है। दोनों गैंग के बदमाश त्योहार के दिनों में शराब बेचने वालों से हथियार के बल पर उगाही करने की योजना बना रहे थे। पैसे नहीं देने वालों उनकी हत्या करने वाले थे। उसने बताया कि वह हथियार का खेप मेरठ से लेकर आया था। पुलिस ने जांच के बाद बताया कि दीपक पर पहले से लूटपाट के पांच मामले दर्ज हैं। पुलिस बदमाश को हथियार मुहैया करवाने वाले की तलाश कर रही है।
शाहबाद डेयरी इलाके में 14 साल के किशोर को अगवा करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके निशानदेही पर एक मकान में बंधक बनाए गए किशोर को सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से पिस्टल और कारतूस बरामद किया है। आरोपियों ने खुलासा किया है कि उसकी चचेरी बहन की शादी किशोर के मामा से हुई है। लेकिन विवाद की वजह से उसकी बहन अपने घर पर रह रही है। जिसका बदला लेने के लिए उनलोगों ने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर जांच में जुटी है।
जिला पुलिस उपायुक्त बिजेंद्र कुमार यादव ने बताया कि रोहिणी सेक्टर 24 निवासी मोनू और अशोक के रूप में हुई है। 1 अक्तूबर को शाहबाद डेयरी निवासी देवेंद्र ने अपने 14 साल के बेटे अमित के अगवा होने की शिकायत थाने में की। पुलिस ने मामला दर्ज कर किशोर की तलाश शुरू की। 3 अक्तूबर की रात 11 बजे पुलिस ने गश्त के दौरान हथियार लेकर घूम रहे मोनू और अशोक को पकड़ा। पूछताछ में आरोपियों ने अमित को अगवा करने की बात कबूल की। उसने बताया कि उसकी चचेरी बहन की शादी अमित के मामा से हुई है।
लेकिन मनमुटाव की वजह से उसकी बहन माता-पिता के घर रह रही है। जिसका बदला लेने के लिए उनलोगों ने अमित की हत्या करने के मकसद से उसे अगवा कर लिया। इसके लिए उनलोगों ने उत्सव अपार्टमेंट में 30 सितंबर को तीन हजार रुपये में एक कमरा किराए पर लिया था। पुलिस ने आरोपियों के निशानदेही पर अमित को वहां से बरामद कर लिया। पुलिस ने बताया कि मोनू पेशे से ड्राइवर है और अशोक का मोटरसाइकिल मरम्मत की दुकान है।