इस बीच रोहिणी कोर्ट रूम में मारे गए जितेंद्र उर्फ गोगी के शव का रविवार को मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में तीनों डॉक्टरों के बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया। इस दौरान वीडियोग्राफी भी कराई गई। पोस्टमार्टम करने के बाद सुबह से ही मोर्चरी के बाहर इंतजार कर रहे गोगी के परिवार को शाम सवा सात बजे शव सौंप दिया गया। पुलिस सुरक्षा के बीच परिजन शव लेकर अलीपुर गांव पहुंचे। रात करीब नौ बजे अलीपुर श्मशान घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शनिवार देर शाम पोस्टमार्टम करने वाले तीन डॉक्टरों का पैनल तैयार किया गया। इसके लिए दिल्ली सरकार की अनुमति ली गई थी। शाम को ही गोगी के परिवार वालों को इस बात की सूचना दे दी गई कि रविवार को मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में पोस्टमार्टम किया जाएगा। सुबह से ही मोर्चरी की तरफ जाने वाले रास्तों पर पुलिस ने बेरिकेड्स लगा दिए।
वहां पर प्रशांत विहार, आईपी इस्टेट, भलस्वा डेरी समेत अन्य थानों के प्रभारी को बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ तैनात कर दिया गया। इस दौरान अर्धसैनिक बल भी तैनात रहा। दिल्ली पुलिस की कई टीम भी सादी वर्दी में तैनात रही। वहां आने-जाने वालों पर विशेष निगरानी रखी जा रही थी। वहां से प्रत्येक वाहन को जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। आसपास के इलाके में गोगी के शव का पोस्टमार्टम होने की जानकारी मिलने पर काफी लोग जमा हो गए। सभी उसके परिवार वालों को देखना चाहते थे, जिन्हें पुलिस वहां से दूर कर रही थी।
मोर्चरी के मुख्य दरवाजे पर बैठी रही गोगी की मां और बहनें
सुबह करीब 11 बजे सफेद रंग की आल्टो कार से गोगी की दो बहनें, मां और अन्य रिश्तेदार मोर्चरी पहुंचे। उसकी मां और बहन मुख्य गेट पर बैठ गईं। करीब पौने 12 बजे शव को एक्सरे के लिए ले जाया गया। शव को एंबुलेंस में ले जाने के दौरान बुलेट पर दो पुलिसकर्मी साथ चल रहे थे। करीब सवा एक बजे पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर वहां पहुंचे और पुलिसकर्मियों से बात की।
सवा तीन बजे शव पोस्टमार्टम के लिए लाया गया। उसके बाद मोर्चरी के पास हलचल तेज हो गई। इस दौरान गोगी की मां और बहनें मुख्य दरवाजे से कई बार कार में आकर बैठी। पुलिस ने किसी को भी उनके पास फटकने तक नहीं दिया। तीनों मां-बेटी काफी परेशान दिख रही थीं और आपस में भी कम बात कर रही थीं। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने उन्हें खाने-पीने के लिए सामान देने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। रिश्तेदार फोन के जरिए गांव के लोगों से बातचीत करते देखे गए। शाम करीब सवा सात बजे पोस्टमार्टम के बाद परिवार को शव सौंप दिया गया। पुलिस की टीम परिवार वालों के साथ शव को लेकर अलीपुर के लिए रवाना हुई।
अलीपुर श्मशान घाट में अंतिम संस्कार
जितेंद्र उर्फ गोगी का शव लेकर परिजन रात करीब पौने नौ बजे अलीपुर श्मशान घाट पहुंचे, जहां पहले से ही पुलिस का भारी बंदोबस्त था। लगभग नौ बजे जितेंद्र के भाई रविंद्र ने मुखाग्नि दी। इस दौरान गांव के करीब डेढ़ सौ लोग श्मशान पहुंचे। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस तैनात है।
जगदीप और राहुल का पोस्टमार्टम आज
पुलिस के अनुसार, कोर्ट रूम में गोगी की हत्या करने वाले हमलावर जगदीप और राहुल के शवों का पोस्टमार्टम सोमवार को किया जाएगा। तकनीकी कारणों के चलते इसमें देरी हो रही है।