फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फिल्म निर्माता ईडी अफसर बन साथियों के साथ कर रहा था वसूली, लगा पुलिस के हाथ

Mon, 30 Aug 2021 05:52 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

  • अपराध शखा ने फिल्म निर्माता समेत चार को किया गिरफतार 
  • आरोपी फिल्म निर्माता के खिलाफ ठगी के 15 से ज्यादा मामला दर्ज हैं
  • ये स्पूफ कॉलिंग के जरिए पीड़ित को कॉल करते थे 
  • इससे सरकारी कार्यालय का नंबर पीड़ित के पास जाता था 
विज्ञापन
arrest - फोटो : istock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

फिल्म निर्माता व शातिर जालसाज संतोष राय प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का अफसर बनकर साथियों के साथ लोगों को ठगने में लगा हुआ था। ये स्पूफ कॉलिंग के जरिए लोगों से बात करता था। इसके तहत आरोपी बात तो अपने मोबाइल नंबर से करता था मगर पीड़ित के मोबाइल पर ईडी कार्यालय का लैंडलाइन नंबर शो होता था। ऐसे में पीड़ित को लगता था कि ईडी के अफसर का ही फोन है। ऐसे में पीड़ित इनके जाल में फंस जाता था। अपराध शाखा ने संतोष राय व उसके तीन साथियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी अभी तक कितने लोगों के साथ ठगी कर चुके हैं। 

विज्ञापन


अपराध शाखा डीसीपी मोनिका भारद्वाज के अनुसार ईडी की ओर से एक शिकायत दी गई थी कि कुछ दिनों से शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि राजीव सिंह नाम का व्यक्ति र्ईडी अफसर बनकर लोगों को जबरन वसूली के लिए कॉल कर रहा है। वह सरकारी लैंडलाइन नंबर से फोन कर लोगों को फर्जी नोटिस भेज रहा है। शुरूआती जांच में पता लगा कि राजीव सिंह विशेष क्षेत्रीय अधिकारी मध्यक्षेत्र कार्यालय द्वारा भेजे गए नोटिस फर्जी हैं। राजीव सिंह के नाम व पद वाला कोई व्यक्ति ईडी में नहीं है। इसके अलावा पीड़ितों को आतंकित करने के लिए करने के लिए पीएमएलए की धारा 50 के तहत जाली समन और सीआरपीसी की धारा 41 के तहत नोटिस जारी किए गए। शिकायत मो. रफी ने दी थी। 

मामला दर्जकर एसीपी संदीप लांबा की देखरेख में इंस्पेक्टर विवेकानंद झा और एसआई संजय कुमार झा व एसआई लोकेन्द्र की टीम ने जांच शुरू की। जांच में पता लगा कि आरोपी पीड़ितों को स्पूफ कालिंग के जरिए कॉलिंग कर रहे हैं। जांच के बाद आरोपी राजीव कुमार सिंह व भूपेन्द्र सिंह गुसाई को संसद मार्ग थाने के पास से उस समय गिरफ्तार कर लिया जब वह एक पीड़ित से जबरन वसूली की रकम लेने आए थे। संतोष राय ही राजीव कुमार सिंह बनता था। भूपेन्द्र वकील बनता था। जांच में पता लगा कि दयालपुर हत्याकांड में पेरोल पर चल रहे अफजल अहमद उर्फ छोटे ने कुलदीप,संजय और अर्जुन राघव के साथ मिलकर साजिश रची थी। अर्जुन राघव ने सनोश राय से संपर्क किया। संतोष राय ने साइबर फ्रॉड एक्सपर्ट आकाश चौहान को शामिल किया था। संतोष राय ने नोटिस तैयार किए। बाद में संजय व कुलदीप को गिरफ्तार कर लिया। फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। 
विज्ञापन


संतोष राय के खिलाफ पहले से 15 से ज्यादा मामला दर्ज हैं-  
गणेश नगर, शकरपुर, दिल्ली निवासी संतोष राय पुत्र स्वर्गीय श्री जनार्दन राय के पिता एमटीएनएल, दिल्ली में कार्यरत थे। आरोपी ने दावा किया है कि उसने 1997 में नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज, जबलपुर, एमपी से एमबीबीएस की है और एम्स के तहत काम करने वाली एनएफएचएस -2 (राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सेवा -2) में काम किया। हालांकि इनका सत्यापन होना बाकी है। हाल ही में आरोपी ने कुछ सामाजिक-धार्मिक संगठनों से जुड़े होने के कारण अपना नाम हृदय भारती उर्फ स्वामी के रूप में बदल लिया है। 

हाल ही में युवतियों को धोखा देने के लिए खुद को मेट्रीमोनियल साइटों पर खुद को रजिस्ट्रेशन कराया था। आरोपी का देश भर में अलग-अलग अंदाज में धोखाधड़ी और जबरन वसूली का एक लंबा इतिहास रहा है। साकेत कोर्ट ने आरोपी को एक वर्ष की सजा सुनाई थी। संतोष राय ने ठगी के पैसे से एक फिल्म भी बनाई है। भूपेन्द्र ने पटियाला कोर्ट में लॉ फर्म के चैंबर में काम किया है। कुलदीप के पिता वैज्ञानिक रह चुके हैं। इसकी जींस की पेंट के बटन बनाने की फैक्टरी है। संजय के पिता श्रम मंत्रालय में तैनात थे और वर्ष 2010 में रिटायर हुए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें