पुलिस महिला के पास से बच्चे को अपने कब्जे में लेकर उसे बाबू जगजीवन राम अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे का सिर फट चुका है और हड्डियां चकनाचुर हो गई हैं। पुलिस ने आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया। अगले दिन पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर उसकी मां को सौंप दिया।
छानबीन के दौरान पुलिस ने बच्चे की मां, पडोसी और उसके मकान मालिक से पूछताछ की। मकान मालिक ने पुलिस को बताया कि दंपति ने एक महीना पहले ही कमरा किराए पर लिया था। दंपति का हर दिन किसी न किसी बात पर झगड़ा होता था।
उसने बताया कि रात में उनके बीच झगड़ा हो रहा था। इसी दौरान महिला चिल्लाते हुए घर से बाहर निकली कि उसके बच्चे की हत्या कर दी है। शोर सुनकर आस पास के लोग और मकान मालिक वहां पहुंचे। कमरे की हालत देखकर सभी सन्न रह गए और पुलिस को घटना की जानकारी दी।
आरोपी कोई काम नहीं करता था
छानबीन के दौरान पता चला कि मूलत: बिहार का रहने वाला रवि फिलहाल कोई काम नहीं करता था। पहले वह मुखर्जी नगर में रहता था और कबाड़ी का काम करता था। नशे की लत की वजह से वह फिलहाल कोई काम नहीं करता था। घर चलाने के लिए उसकी पत्नी आजादपुर मंडी में काम करने के लिए जाती थी। रवि उसे काम करने से मना करता था। रवि का कहना था कि उसके काम पर चले जाने से बच्चे की देखभाल नहीं हो पाती थी। इस बात को लेकर दंपति के बीच विवाद होता था।