जनकपुरी थाना पुलिस ने 20 हजार के मोबाइल फोन को साढ़े सात हजार रुपये में देने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक कॉल सेंटर का खुलासा किया है। पुलिस ने कॉल सेंटर चलाने वाले तीन जालसाजों को गिरफ्तार किया है। आरोपी फोन देने की बात कहकर ग्राहकों से पैसे लेते थे और फिर बॉक्स में पैकिंग कर कचरा, कपड़ा धोने का ब्रश और बेल्ट भेज देते थे। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर छानबीन में जुटी है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक राजस्थान के सीकर के रहने वाले हरेंद्र स्वामी समेत अन्य लोगों की ओर से पुलिस को ठगी की शिकायत मिली। शिकायतकर्ताओं से बताया कि उनके पास एक नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले ने बताया कि 20 हजार का फोन साढ़े सात हजार में मिल रहा है। पीड़ित ने फोन का आर्डर कर दिया। एक दिन बाद उसके पास अमेजन कंपनी के पैक में एक बॉक्स आया। बॉक्स खोलने पर उसमें से कचरा निकला। इसी तरह अन्य शिकायतकर्ताओं ने बताया कि उनके बॉक्स से कपड़ा धोने का ब्रश और बेल्ट मिला। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
14 दिसंबर को जनकपुरी थाने में तैनात हवलदार दिनेश को मुखबिर से सूचना मिली कि जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर स्थित विशाल टॉवर में एक कॉल सेंटर के जरिए लोगों से ठगी की जाती है। इस सूचना पर थाना प्रभारी अंतरिक्ष आलोक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने उक्त कॉल सेंटर पर दबिश दी। वहां तीन लोग मौजूद थे। तीनों फोन पर लोगों को सस्ते मोबाइल का झांसा दे रहे थे।
पुलिस टीम को देखते ही तीनों सहम गए। पूछताछ में तीनों ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। छानबीन के दौरान पुलिस को मौके से तीन लैपटॉप, 14 मोबाइल फोन, 20 कपड़ा धोने का ब्रश, 20 बेल्ट और अमेजन कंपनी के खाली डब्बे मिले। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान द्वारका निवासी वीरराज, उत्तम नगर निवासी कार्तिक और द्वारका सेक्टर 14 निवासी तरुण के रूप में हुई।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि फोन से ग्राहकों से संपर्क करता था। सौदा तय होने के बाद बॉक्स में खचरा, ब्रश और बेल्ट को पोस्टमैन के जरिए उन्हें भेजते थे। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।
टेक्नोलॉजी के जमाने में महज 12वीं कक्षा पास एक युवक एटीएम मशीन को चकमा देकर कई बैंकों को चूना लगा रहा है। आरोपी ने कई अलग-अलग राष्ट्रीय बैंक को लाखों रुपये का चूना लगा दिया। दरअसल आरोपी एटीएम मशीन से इस तरह कैश निकालता था कि रुपये भी निकल जाते थे और मशीन में एरर (खराबी) आ जाती थी।
इसके बाद आरोपी अपनी बैंक शाखा को शिकायत कर बैंक से रुपये वापस ले लेते था। आरोपी के पास से 17 एटीएम व डेबिट कार्ड बरामद किए गए हैं। कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपी की पहचान नूंह, मेवात, हरियाणा निवासी अजहरुद्दीन (26) के रूप में हुई है। पुलिस पकड़े गए आरोपी से पूछताछ कर इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने कितने बैंक से अब तक कितनी रकम की ठगी की है। कोतवाली थाना पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ कर रही है।
उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त सागर सिंह कलसी ने बताया कि चांदनी चौक के एक राष्ट्रीय बैंक ने एटीएम में हेराफेरी कर करीब 4.30 लाख ठगी की शिकायत दी थी। बैंक अधिकारियों ने बताया कि एटीएम में टेक्नीकल एरर पैदा कर रुपये निकाल रहा है। इसके बाद बैंक से शिकायत कर दोबारा रुपये भी ले रहा है। जांच के दौरान ताजा मामले में पुलिस को छह दिसंबर को एक वारदात को पता चला। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी ने मशीन में दिक्कत पैदा करने के बाद दोबारा रुपये लेने के लिए ब्रांच में शिकायत की है।
सीसीटीवी के के आधार पर कोतवाली थाना पुलिस ने एटीएम बूथ के गार्ड के साथ बैठक की और उनको आरोपी की तस्वीर दे दी। 11 दिसंबर को आरोपी वही कपड़े पहनकर दोबारा उसी एटीएम में पहुंचा, जहां छह दिसंबर को उसने रकम निकाली थी। गार्ड ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से 17 एटीएम कार्ड व निकाले गए 8000 रुपये बरामद कर लिये।
10 से 15 सेकंड एटीएम की कैश ट्रे में हाथ डालकर होल्ड करता था कैश...
पुलिस की पूछताछ में आरोपी अजहरुद्दीन ने बताया कि उसके गांव में एटीएम से कैश निकालने के दौरान ठगी करना बहुत साधारण बात है। आरोपी ने बताया कि जिस बैंक में उनका खाता होता था। उस बैंक के अलावा दूसरे एटीएम मशीन से कैश निकालने जाता था। रुपये निकालने के दौरान आरोपी कैश ट्रे हाथ डालकर कैश को 10 से 15 सेकंड तक अंदर ही होल्ड कर लेता था। इसकी वजह से मशीन एरर दिखा देती थी। आरोपी कैश मशीन से निकाल लेता था। इस तरह मशीन को चकमा देकर कैश लेकर चला जाता था। इसके बाद जिस बैंक में उसका खाता होता था वहां बैंक को शिकायत लिखकर कहता था कि उसके खाते से रकम कट तो गई, लेकिन एटीएम से कैश नहीं निकला। शिकायत पर बैंक ग्राहक को रुपये दे देता था। ऐसे में आरोपी एटीएम से रुपये लेने के अलावा बैंक से अलग ले लेता था।