राजधानी में एक बार फिर इंसानियत शर्मसार हो गई है। रणजीत नगर इलाके में एक युवक ने छह साल की मासूम को बंधक बनाकर न सिर्फ दुष्कर्म किया, बल्कि विरोध करने पर मारपीट भी की। दर्द से कराहती बच्ची की पीड़ा यहीं खत्म नहीं हुई। बेटी को लेकर बेबस पिता दिल्ली के 5 नामचीन अस्पतालों के बीच करीब 15 किमी और ढाई घंटे तक चक्कर काटता रहा, लेकिन इलाज देने के बजाय उसे दूसरे अस्पतालों में टरकाया जाता रहा।
रिक्शा चलाता है पिता
बच्ची का पिता माल ढोने वाला रिक्शा चलाता है, जबकि मां घरों में साफ-सफाई का काम करती है। बच्ची की 11 महीने की छोटी बहन है। पिता ने बताया कि शुक्रवार सुबह बेटी गुरुद्वारे में लंगर लेने गई थी। एक बार लंगर लेकर घर पहुंचाया और उसके बाद दोबारा चली गई। वापस लौटने पर खून से लथपथ थी। पूछताछ में मां को बताया कि रास्ते में 20 से 25 साल का युवक उसे कॉपी-किताब देने का लालच देकर अपने साथ एक कमरे में ले गया, जहां उसके साथ गलत काम किया। युवक के वहां से जाने के बाद बच्ची किसी तरह घर पहुंची।
सीसीटीवी में कैद हुआ आरोपी
अस्पताल से घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को खंगाला। एक कैमरे में आरोपी कैद हो गया है। हालांकि उसने मास्क लगा रखा था। वह बच्ची को अपने साथ ले जाता दिख रहा है। ।
बेटे की मौत के गम से उबरा नहीं कि टूटा दुखों का पहाड़
पिछले साल दिल में छेद होने की वजह से सात साल के बेटे की मौत हो गई थी। जीबी पंत अस्पताल में ऑपरेशन के बाद भी उसे बचा नहीं पाए।
आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर प्रदर्शन
घटना के करीब 36 घंटे बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस को मामले में कोई ठोस सुबूत नहीं मिल सका है। परिजनों समेत स्थानीय लोगों में भी रोष है। देर शाम आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर आक्रोशित परिजनों ने स्थानीय थाने पर प्रदर्शन किया।
दिल्ली महिला आयोग ने पुलिस को दिया नोटिस
दिल्ली महिला आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। आयोग ने पुलिस से मामले में तत्काल कार्रवाई करने को कहा है। साथ ही दर्ज प्राथमिकी का ब्योरा मांगा है। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि वह घटना से काफी दुखी हैं। यह बड़ी चिंता और शर्म की बात है कि हमें छोटे बच्चों के साथ बार-बार होने वाले यौन हमले के ऐसे मामलों से गुजरना पड़ रहा है। यह व्यवस्था की पूर्ण विफलता है।