करावल नगर इलाके में बुधवार दोपहर एक किशोर की सिर और गले पर वारकर हत्या कर दी गई। मृतक की शिनख्त सुंदरम (13) (बदला हुआ नाम) के रूप में हुई है। बुधवार दोपहर को सुदंरम का शव कमल विहार के एक निर्माणाधीन मकान से बरामद हुआ। परिजन रात को जब थाने पहुंचे तो उन्हें सुंदरम की हत्या का पता चला। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस को मृतक के मकान मालिक के बेटे पर ही हत्या का शक है। पुलिस मामले में एक शख्स को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ कर रही है। मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्याकांड की गुत्थी से जल्द ही पर्दा उठा दिया जाएगा। पुलिस ने बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार के हवाले कर दिया है। मामले की जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक सुंदरम परिवार के साथ न्यू सभापुर गुजरान, करावल नगर में रहता था। इसके परिवार में माता-पिता के अलावा पांच बहनें हैं। सुंदरम परिवार में इकलौता लड़का था। सुंदरम के पिता छोटा-मोटा काम करते हैं। बुधवार दोपहर के समय सुंदरम घर से खेलने के लिए निकला। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी तलाश की। उधर पुलिस को किसी ने सूचना दी कि कमल विहार के एक निर्माणाधीन मकान में किशोर खून से लथपथ पड़ा हुआ है। सूचना मिलने के बाद पुलिस तुरंत वहां पहुंची। किशोर को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। शव को मोर्चरी में भेजकर उसकी पहचान के प्रयास शुरू कर दिए गए। दूसरी ओर सुंदरम के परिजन उसकी तलाश करते हुए रात आठ बजे करावल नगर थाने पहुंचे।
पुलिस ने परिवार को किशोर की बॉडी दिखाई तो परिजनों ने उसकी पहचान कर ली। जांच के दौरान पुलिस ने निर्माणाधीन मकान के पास लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच की तो एक संदिग्ध युवक महिला के साथ देखा गया। परिजनों ने संदिग्ध को अपने मकान मालिक का बेटा बताया है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है, एक आरोपी को पुलिस ने हिरासत में लिया हुआ है। पुलिस मुख्य आरोपी का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
अपशब्द कहने पर नाबालिग ने कर दी किशोर की हत्या...
गीता कालोनी इलाके में 17 वर्षीय किशोर की हत्या के मामले में पुलिस ने एक नाबालिग को हिरासत में लिया है। मृतक अशफाक (17) ने आरोपी किशोर के परिवार के बारे में कुछ अपशब्द कह दिए थे। इससे नाराज होकर उसने अशफाक का गला घोंट दिया। बाद में उसे नाले में फेंक दिया। आठ अगस्त को इलाके से उसका शव बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी हत्या की बात सामने आई थी। पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपी किशोर को दबोचा। उससे पूछताछ कर मामले की छानबीन की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक मृतक अशफाक अपने परिवार के साथ गीता कालोनी के रानी गार्डन में रहता था। अचानक एक अगस्त को वह गायब हो गया। उसकी मां ने अशफाक की काफी तलाश की। तीन अगस्त को मां ने उसकी गुमशुदगी गीता कालोनी थाने में कराई। पुलिस अशफाक की तलाश कर ही रहे थे कि इस बीच आठ अगस्त को पुलिस को राजा राम कोहली मार्ग पर नाले से बुरी तरह सड़ी-गली हालत में एक किशोर की लाश मिली। लाश इतनी बुरी तरह सड़ चुकी थी कि उसका कंकाल ही बचा था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसका पोस्टमार्टम कराया। कपड़ों और जूतों से उसकी मां ने पहचान बेटे अशफाक के रूप में हुई।
पोस्टमार्टम में अशफाक की गला घोंटकर हत्या करने का पता चला। पुलिस ने घटना स्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो पता चला कि एक अगस्त को अशफाक के साथ एक अन्य किशोर मौजूद था। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने हत्या करने की बात कबूल कर ली। आरोपी ने बताया कि दोनों सुबह से शाम तक साथ थे। अशफाक ने नशे की हालत में उसके परिवार के बारे में अपशब्द बोल दिए थे। इसकी वजह से गुस्से में उसने अशफाक की हत्या कर शव को नाले में फेंक दिया।
वैश्विक हस्तियों के कार्यक्रमों को आयोजित करवाने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी करने वाले दो आरोपियों को आर्थिक अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान छत्तरपुर निवासी अर्जुन जैन और न्यू फ्रेंडस कालोनी निवासी अमन कुमार के रूप में हुई है। अर्जुन जैन फर्म व्हाइटफॉक्स इंडिया के मालिक होने के साथ साथ मेसर्स वामोस एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड का निदेशक भी है। वहीं अमन मेसर्स वामोस एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड का निदेशक है।
शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आर के सिंह ने बताया कि वर्ष 2020 में पंजाबी बाग निवासी अक्षय अग्रवाल ने आरोपियों के खिलाफ पांच करोड़ की ठगी की शिकायत की। शिकायत में बताया कि दोनों आरोपियों ने उन्हें बताया कि वह ग्लोबल म्यूजिक सेलेब्रिटीज के संगीत कार्यक्रम का आयोजन करते हैं। वह जस्टिन बीबर और विलियम मॉरिस एंडेवर जैसे अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के संगीत कार्यक्रम का आयोजन कर रहे हैं। आरोपियों ने ऐसे संगीत कार्यक्रमों के लिए शिकायतकर्ता को उनकी कंपनी में निवेश करने के लिए प्रेरित किया और निवेश पर 50 फीसदी रिटर्न देने की बात कही। आरोपियों की बातों में आकर शिकायतकर्ता ने 5 करोड़ का निवेश कर दिया। लेकिन आरोपियों ने किसी भी कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया।
पुलिस ने जांच में पाया कि आरोपियों ने न ही कोई कार्यक्रम का आयोजन किया और न ही शिकायतकर्ता को उनके पैसे ही लौटाए। आरोपियों ने पैसे को अपने बैंक खातों में जमाकर शिकायतकर्ता को धोखा दिया। धोखाधड़ी और ठगी में शामिल होने का खुलासा होने पर पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली के कई जगहों पर दबिश दी और बुधवार को उन्हें उनके घरों से गिरफ्तार कर लिया।